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दुनिया

‘हमें गुलाम बनाना चाहता है इजरायल…’, पाक रक्षा मंत्री का बड़ा आरोप- भारत भी साजिश में शामिल

Iran Israel War: ईरान–इजरायल युद्ध को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इसे यहूदी साजिश बताते हुए कहा कि इसका मकसद पाकिस्तान को कमजोर कर वस्सल स्टेट बनाना है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Mar 3, 2026 22:59
Pakistan Defence Minister on Iran-Israel War
Credit: News24

ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने बड़ा और विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ये युद्ध केवल दो देशों के बीच का टकराव नहीं है, बल्कि एक यहूदी साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद पाकिस्तान को कमजोर बनाकर उसे ‘वस्सल स्टेट’ यानी पराधीन देश में बदलना है. ख्वाजा आसिफ के मुताबिक, अगर इस युद्ध में इजरायल को फायदा होता है, तो इसका असर पूरे साउथ एशिया पर पड़ेगा. उन्होंने दावा किया कि इस साजिश में भारत को भी रणनीतिक रूप से शामिल किया जा सकता है, ताकि पाकिस्तान पर हर तरफ से दबाव बनाया जा सके.

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पाक रक्षा मंत्री ने और क्या कहा?

ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि जायनिज्म सिर्फ एक विचारधारा नहीं, बल्कि एक खतरनाक सोच है जो कई दशकों से दुनिया में अस्थिरता फैला रही है. उनका कहना है कि ईरान पर हमला इसी एजेंडे का हिस्सा है और आने वाले समय में इसका अगला निशाना पाकिस्तान हो सकता है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान ने समय रहते स्थिति को नहीं समझा, तो देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर गंभीर असर पड़ सकता है. रक्षा मंत्री ने देश की जनता और राजनीतिक दलों से अपील की कि वे आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्रीय हित में एकजुट हों.

पाकिस्तान की बढ़ती चिंता

पाकिस्तान सरकार का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है. इसी कारण पाकिस्तान ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है. साथ ही हवाई सुरक्षा को देखते हुए कुछ उड़ानों पर भी असर पड़ा है. पाकिस्तानी नेतृत्व का कहना है कि युद्ध से शांति नहीं आती और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले में हस्तक्षेप कर बातचीत का रास्ता निकालना चाहिए. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ख्वाजा आसिफ का बयान घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव दोनों से जुड़ा हो सकता है. हालांकि भारत और इजरायल की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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First published on: Mar 03, 2026 10:19 PM

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