नेपाल में आई भीषण तबाही में कई लोगों के लापता और मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि 133 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा, करीब 384 कैलाश मानसरोवर यात्री भी लापता बताए जा रहे हैं.
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक तिब्बत में ग्लेशियर फटने के चलते भोटे कोशी नदी में अचानक पानी का लेवल बढ़ गया जिसने आसपास बसे इलाकों में सड़कें, पुल, मकान और बिजली परियोजनाओं को तहस-नहस कर दिया. बाढ़ में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, आशंका जताई जा रही है कि इस त्रासदी की चपेट में कई लोग आए हैं. अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है. राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. भारत के बिहार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद बिहार के सीएम सम्राट चौधरी से बात कर तैयारियों से जुड़ा अपडेट लिया.
तिब्बत से आया सैलाब
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नेपाल के रासुवा जिले में देखने को मिला है. तिब्बत की सीमा से लगे टिमुरे और स्याफ्रुबेंसी इलाके में पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. कई वाहन, सामान और इमारतें पानी में बह गईं. नदी पर बना एक हाल में तैयार पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया. रासुवा के अलावा नुवाकोट और धादिंग जिलों में भी बाढ़ का असर पहुंचा है.
नेपाल की सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है. सेना ने कई हेलिकॉप्टरों को अभियान में उतारा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में पानी का स्तर काफी ज्यादा होने के कारण कई स्थानों पर हेलिकॉप्टरों को उतारना मुश्किल हो रहा है. अब तक दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.
चीन के ग्यिरोंग में भी तबाही
इस प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल-चीन सीमा के दूसरी ओर भी दिखाई दिया. चीन के तिब्बत क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन और बाढ़ के कारण सड़क, संचार और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इलाके में बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और कुछ लोगों के लापता होने की जानकारी दी है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए निगरानी एवं शुरुआती चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.
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सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत जल्द से जल्द नेपाल को राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत जल्द से जल्द नेपाल को राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है। pic.twitter.com/fB8hiDsYJh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 26, 2026
उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने सीमावर्ती बस्तियों में भारी तबाही मचाई और निचले इलाकों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई. बताया जा रहा है कि पानी तिब्बत की ओर से आया.
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भी आश्वासन दिया.
PM Modi spoke to Nepal PM Balen Shah and conveyed condolences on the loss of lives due to the flood in Nepal. PM Modi also extended all possible humanitarian and relief assistance: Government of India Sources pic.twitter.com/ujg3hN2R8d
— ANI (@ANI) August 26, 2026
काठमांडू में भारतीय दूतावास ने नेपाल में आज अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं:+977 985 131 6807+977 970 910 7500 pic.twitter.com/8zu0ucJ8Ix
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 26, 2026
बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने ANI को फ़ोन पर बताया - "बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए पूरी आपदा प्रबंधन टीम हाई अलर्ट पर है. बाढ़ के खतरे वाले ज़िलों के लिए अलर्ट जारी कर दिए गए हैं. बेतिया, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में NDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं, जबकि बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में SDRF की टीमें पहले से ही तैनात हैं."
नेपाल की कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से अब तक 16 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 36 लोगों के घायल होने की खबर है. हादसे में 105 भारतीय भी लापता हैं.









