ईरान में युद्ध के माहौल के बीच सेना का एक हेलिकॉप्टर इस्फहान प्रांत में क्रैश कर गया है. सेना का हेलिकॉप्टर एक फ्रूट होलसेल मार्केट में क्रैश हुआ है. इस हादसे में अबतक 4 लोगों की मौत हो गई है. हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद ईरान के न्यूक्लियर प्लांट वाले प्रांत इस्फहान में हेलिकॉप्टर का मलबा फैल गया है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी हुई तस्नीम न्यूज एजेंसी ने घटना को लेकर जानकारी दी है. एजेंसी ने बताया कि हेलिकॉप्टर ईरानी आर्मी की एविएशन यूनिट का था. उन्होंने कहा कि यह हादसा इस्फहान प्रांत के खोमेनी शहर काउंटी के दारचेह शहर के फल-सब्जी मार्केट वाले एरिया में ही क्रैश हो गया. एजेंसी ने बताया कि यह हादसा विमान में कुछ टेक्निकल गड़बड़ी के कारण हुआ. इस घटना में पायलट और को-पायलट के अलावा मार्केट के दो व्यापारी भी मारे गए हैं.
रॉयटर्स ने बताया कि ईरान का एयर सेफ्टी रिकॉर्ड खराब है, यहां बार-बार क्रैश होते हैं, जिनमें से कई एयरक्राफ्ट 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले खरीदे गए थे और मेंटेनेंस के लिए ओरिजनल स्पेयर पार्ट्स भी नहीं मिलते हैं.
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वहीं, दूसरी ओर ईरान की न्यूज एजेंसियां ये जरूर कह रही हैं कि ये हादसे तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुए, लेकिन इसकी सही वजह नहीं पता चल पाई है. यह क्रैश ऐसे समय में हुआ है जब US ने ईरान पर हमले की धमकी दी है.
ईरान में युद्ध के माहौल के बीच सेना का एक हेलिकॉप्टर इस्फहान प्रांत में क्रैश कर गया है. सेना का हेलिकॉप्टर एक फ्रूट होलसेल मार्केट में क्रैश हुआ है. इस हादसे में अबतक 4 लोगों की मौत हो गई है. हेलिकॉप्टर क्रैश के बाद ईरान के न्यूक्लियर प्लांट वाले प्रांत इस्फहान में हेलिकॉप्टर का मलबा फैल गया है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी हुई तस्नीम न्यूज एजेंसी ने घटना को लेकर जानकारी दी है. एजेंसी ने बताया कि हेलिकॉप्टर ईरानी आर्मी की एविएशन यूनिट का था. उन्होंने कहा कि यह हादसा इस्फहान प्रांत के खोमेनी शहर काउंटी के दारचेह शहर के फल-सब्जी मार्केट वाले एरिया में ही क्रैश हो गया. एजेंसी ने बताया कि यह हादसा विमान में कुछ टेक्निकल गड़बड़ी के कारण हुआ. इस घटना में पायलट और को-पायलट के अलावा मार्केट के दो व्यापारी भी मारे गए हैं.
रॉयटर्स ने बताया कि ईरान का एयर सेफ्टी रिकॉर्ड खराब है, यहां बार-बार क्रैश होते हैं, जिनमें से कई एयरक्राफ्ट 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले खरीदे गए थे और मेंटेनेंस के लिए ओरिजनल स्पेयर पार्ट्स भी नहीं मिलते हैं.
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वहीं, दूसरी ओर ईरान की न्यूज एजेंसियां ये जरूर कह रही हैं कि ये हादसे तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुए, लेकिन इसकी सही वजह नहीं पता चल पाई है. यह क्रैश ऐसे समय में हुआ है जब US ने ईरान पर हमले की धमकी दी है.