चीन ने बढ़ाई ट्रंप की टेंशन, अमेरिका ने रूस-फ्रांस-ब्रिटेन से मांगी मदद, जानें क्या है न्यूक्लियर प्रोग्राम का विवाद?

China Nuclear Programme: चीन के सीक्रेट न्यूक्लियर प्रोग्राम का खुलासा हुआ है, जिससे अमेरिकी की टेंशन बढ़ गई है और वह दूसरे देशों से मदद मांगने लगा है। अमेरिका के शस्त्र विभाग के अधिकारी ने बताया है कि चीन वादा करने के बावजूद अपने परमाणु हथियारों का विस्तार कर रहा है।

China Nuclear Programme Expansion

चीन पिछले 6 साल से परमाणु हथियार बना रहा है।

China Nuclear Expansion: ईरान के बाद चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ा दी है। ईरान के बाद चीन का न्यूक्लियर प्रोग्राम अब अमेरिका के लिए मुसीबत बन गया है। इसलिए अमेरिका ने रूस-फ्रांस और ब्रिटेन से मदद मांगी है। यह खुलासा अमेरिका के शस्त्र नियंत्रण और अप्रसार ब्यूरो के सहायक विदेश मंत्री क्रिस्टोफर यिआव ने किया है।

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दरअसल, चीन के सीक्रेट परमाणु कार्यक्रम का खुलासा हुआ है। पता चला है कि चीन ने बिना किसी को बताए, बिना किसी को भनक लगने दिए, बिना किसी की रोक-टोक के अपने परमाणु हथियारों के स्टॉक का विस्तार किया है। जबकि चीन ने अमेरिका को ऐसा नहीं करने आश्वासन दिया था, लेकिन अब अमेरिका ने चीन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।

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6 साल पहले चीन ने गुप्त परमाणु परीक्षण किया

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक संस्था के सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमेरिकी आधिकारी ने बताया है कि चीन ने परमाणु हथियारों को लेकर तय किए गए लक्ष्यों और अपने उद्देश्यों के बारे में ट्रांसपेरेंसी नहीं रखी। 6 साल से चीन परमाणु हथियार बना रहा है। 6 साल पहले चीन ने एक गुप्त परमाणु परीक्षण भी किया था, जिसके बारे में किसी को भनक तक नहीं लगी।

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अधिकारी ने बताया कि हाल ही में अमेरिका और रूस के बीच आखिरी परमाणु हथियार समझौता खत्म हुआ है। इसलिए अब दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों अमेरिका और रूस पर परमाणु हथियारों को लेकर लगे प्रतिबंध हट गए हैं। उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 33 साल बाद परमाणु परीक्षण करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन चीन ने पहले टेंशन बढ़ा दी।

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परमाणु निरस्त्रीकरण का दबाव बनाने की अपील

अधिकारी ने सम्मेलन में खुलासा किया कि उन्होंने अन्य देशों से आग्रह किया है कि वे चीन पर परमाणु हथियारों का विस्तार राेकने का दबाव बनाएं। इसके लिए उन्होंने हाल ही में जिनेवा में रूसी प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इससे पहले उन्होंने अमेरिकी के साझेदार देशों के साथ कई दौर की बैठकें की थीं, जिनमें फ्रांस और ब्रिटेन शामिल हैं, लेकिन अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है।

बता दें कि न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अमेरिका का पहले ही ईरान से टकराव चल रहा है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद कर दे। इसी विवाद के चलते इजरायल ने जून 2025 में ईरान पर हमला किया था, जिसमें सहयोग देते हुए अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम गिराए थे। एक बार फिर अमेरिका ने ईरान पर हमला करने की तैयारी की हुई है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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