---विज्ञापन---

दुनिया

मेहुल चोकसी को कोर्ट से नहीं मिली राहत, भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका खारिज

Mehul Choksi Extradition: बेल्जियम की कोर्ट ने मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी, लेकिन इसके खिलाफ मेहुल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जो रिजेक्ट हो गई. हाई कोर्ट के फैसले से जहां मेहुल को झटका लगा है, वहीं इसे भारतीय एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा सकता है.

Author Written By: News24 हिंदी Updated: Oct 21, 2025 09:21
mehul choksi | extradition order | belgium court
मेहुल चोकसी को धोखाधड़ी मामले में भगोड़ा करार दिया गया है.

Mehul Choksi Extradition: बेल्जियम की हाई कोर्ट ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी की प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर की गई अपील को खारिज कर दिया है. हालांकि, चोकसी के पास अब भी इस फैसले के खिलाफ बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा हुआ है, लेकिन राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. भारत सरकार लंबे समय से चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है और प्रत्यर्पण को एक कोर्ट ने मंजूर दे दी है, वहीं प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका खारिज होने भारत की जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता हो सकती है.

भारत आएगा मेहुल चोकसी! PM मोदी के इस फैसले ने खोला रास्ता? जानें क्या है भारत-बेल्जियम की संधि?

---विज्ञापन---

2018 में भारत से फरार हुआ था मेहुल

बता दें कि मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13000 करोड़ घोटाले के प्रमुख आरोपियों में से एक है, जो साल 2018 में भारत से फरार हो गया था. उसके खिलाफ CBI और ED ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के कई मुकदमे दर्ज किए हैं. वहीं भारत में मेहुल के खिलाफ दर्ज मामले बेल्जियम में भी दंडनीय हैं. चोकसी को 11 अप्रैल 2025 को बेल्जियम पुलिस ने गिरफ्तार किया था और तब से वह बेल्जियम की जेल में बंद है. बता दें कि बेल्जियम की कोर्ट में उसने कई जमानत याचिकाएं दायर की हैं, लेकिन कोई याचिका मंजूर नहीं की गई.

मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी की तस्वीरें आईं सामने, भारत लाने में क्यों हो सकती है देरी

---विज्ञापन---

मेहुल के खिलाफ इन धाराओं में केस दर्ज

भारत में मेहुल चोकसी पर IPC की धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 201 (साक्ष्यों को गायब करना या गलत जानकारी देना), 409 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 477ए (दस्तावेजों में हेराफेरी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 (रिश्वतखोरी) और 13 (आपराधिक कदाचार) के तहत केस दर्ज हैं. भारत ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (UNCAC) और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (UNTOC) का हवाला देते हुए मेहुल के बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पण की मांग की, जिसे बेल्जियम सरकार ने मंजूरी दे दी.

Mehul Choksi-PNB घोटाला में बड़ा एक्शन, बैंकों को लौटाई गई 125 करोड़ की संपत्ति

मेहुल चोकसी को स्पेशल जेल में रखा जाएगा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए भारत का पक्ष रखने हेतु यूरोपीय लॉ फर्म को हायर किया था, जिसकी दलीलों से आश्वस्त होकर ही बेल्जियम की कोर्ट ने मेहुल के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी. CBI की टीम भी बेल्जियम की कोर्ट में मेहुल के प्रत्यर्पण मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 3 बार वहां जा चुकी है. बेल्जियम की कोर्ट को CBI ने आश्वासन दिया है कि मेहुल चोकसी को भारत में स्पेशल जेल में रखा जाएगा. मुंबई की ऑर्थर रोड जेल की बैरक 12 मेहुल के लिए तैयार की गई है. यूरोपियन ह्यूमन राइट्स स्टैंडर्ड के अनुसार ही सेल में हर सुविधा का इंतजाम किया गया है और उसे बैरक में अकेले नहीं रखा जाएगा.

First published on: Oct 21, 2025 08:46 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.