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जापान को जल्द ही पहली महिला प्रधानमंत्री मिल सकती है. शनिवार को सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख के चयन के लिए होने वाले मतदान के बाद जापान को पहली महिला प्रधानमंत्री और सबसे युवा नेता मिलने की संभावना है. ऐतिहासिक लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव में पीएम के उम्मीदवार के रूप में 64 साल की साने ताकाइची का नाम सबसे आगे है.
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा की जगह लेने के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं और सबसे संभावित नाम साने ताकाइची का ही है. ताकाइची जापान की पुरुष प्रधान सत्तारूढ़ पार्टी की पहली महिला अध्यक्ष हैं, जिन्होंने युद्ध के बाद राजनीति में लगभग बिना किसी रुकावट के अपना दबदबा बनाए रखा है. वह पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर की प्रशंसक हैं.
ताकाइची ने एक मजबूत सेना, विकास के लिए अधिक वित्तीय व्यय, परमाणु को बढ़ावा, साइबर सुरक्षा और कई कठोर नीतियों को बनाने का वादा किया है. ताकाइची शाही परिवार के केवल पुरुष उत्तराधिकारी की पक्षधर हैं, वह समलैंगिक विवाह का विरोध करती हैं और 19वीं सदी के नागरिक कानून में संशोधन का समर्थन करती हैं, जिसमें विवाहित जोड़ों के लिए अलग उपनाम रखने की अनुमति दी गई है.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि वह प्रधानमंत्री बनती हैं तो अमेरिका-जापान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को संभालना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी. उन्हें टैरिफ समझौते को पूरा करना होगा, जिस पर जापान की पिछली सरकार ने सहमति व्यक्त की थी. एपी के अनुसार, ताकाइची पहली बार 1993 में अपने गृहनगर नारा से संसद के लिए चुनी गई थीं और तब से उन्होंने आर्थिक सुरक्षा, आंतरिक मामलों और लैंगिक समानता मंत्री सहित प्रमुख पार्टी और सरकारी पदों पर कार्य किया है.
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ताकाइची मोटरबाइक राइडर और हेवी-मेटल बैंड में ड्रमर रह चुकी हैं. ताकाइची को चीन के प्रति अपने कठोर रुख के कारण भी जाना जाता है और टोक्यो के यासुकुनी तीर्थस्थल पर नियमित रूप से जाती हैं. यह स्थल जापान के युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने की जगह है. ताकाइची ने अपनी सरकार में महिला मंत्रियों की संख्या में वृद्धि की बात कही है, जिसे विशेषज्ञ कठिन मानते हैं. उनका कहना है कि अगर वह अपनी नेतृत्व क्षमता को खतरे में नहीं डालना चाहतीं, तो उन्हें प्रभावशाली पुरुष नेताओं के प्रति वफादारी दिखानी होगी.
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