US Iran Tension Update: मिडिल ईस्ट और ईरान में कुछ बड़ा होने की आहट है। पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका से युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। क्योंकि ईरान के साथ अमेरिका की परमाणु वार्ता सफल नहीं हो रही है। जिनेवा में दोनों देशों के बीच 3 दौर की वार्ता हो चुकी है और तीनों बार अमेरिका के हाथ निराशा लगी। इधर भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने के आदेश दे दिया है। ऐसे में चर्चा है कि अमेरिका जल्दी ही ईरान पर हमला करने वाला है।
PRESIDENT TRUMP on IRAN: We have a big decision to make that’s not easy. I’d rather do it the peaceful way, but I want to tell you that these are very dangerous and difficult people. pic.twitter.com/QeeNeq6EFQ
---विज्ञापन---— Department of State (@StateDept) February 27, 2026
इन देशों ने नागरिकों को ईरान से निकाला
बता दें कि मध्य पूर्व में तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, भारत, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और सिंगापुर ने अपने नागरिकों और राजनयिकों को ईरान छोड़ने का आदेश दे दिया है। मध्य पूर्व के कई देशों में दूतावासों को बंद करके उनमें तैनात अधिकारियों को भी वतन वापस बुला लिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ईरान पर हमलों को टालने के लिए चल रही बातचीत फेल होने पर निराशा व्यक्त की है।
परमाणु वार्त फेल होने पर क्या बोले ट्रंप?
टेक्सास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मैं जिनेवा में ईरान के साथ हो रही परमाणु वार्ता से खुश नहीं हूं। बातचीत हो रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला रहा है। अमेरिका को अब एक बड़ा फैसला लेना है, जो लेना आसान नहीं है। मैं मामले को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाना चाहूंगा, लेकिन आपको बताना चाहता हूं कि वे लोग बहुत खतरनाक और मुश्किल हैं। इसलिए ईरान को परमाणु हथियार बनाने या खरीदने की परमिशन दी ही नहीं जा सकती है।
फेल हुई जिनेवा में तीसरे दौर की वार्ता
जिनेवा में अमेरिका-ईरान के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर निराश होकर लौटे। अगले दौर की बातचीत सोमवार 2 मार्च 2026 को वियना में होने की संभावना है। वहीं ईरान और मध्यस्थ देश ओमान ने बातचीत की सफलता को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने वाइट हाउस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की और कहा कि ईरान में शांति की उम्मीद कायम है।
LEAVE IRAN IMMEDIATELY — US STATE DEPT https://t.co/ITIR7MFbU2 pic.twitter.com/MqFLfKwIC4
— RT (@RT_com) February 27, 2026
अमेरिका ने यरूशलेम से निकाले लोग
ईरान के साथ तनाव को देखते हुए अमेरिका ने जहां अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने को कहा, वहीं बीते दिन यरूशलेम (इजरायल) में अपने कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया। क्योंकि अमेरिका को आशंका है कि अगर वह ईरान पर हमला करता है तो इजरायल साथ देगा। जवाबी कार्रवाई में ईरान इजरायल पर भी हमला कर सकता है। अमेरिका ने बेरूत (लेबनान) में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों और कर्मचारियों को भी अमेरिका लौटने को कहा दिया है, यानी US की तैयारी पूरी है।
अमेरिकी सेना तैनात, इजरायल प्रभावित
अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। USS अब्राहम लिंकन के साथ USS जेराल्ड आर. फोर्ड भी तैनात हो चुका है। ईरान की कई एयरलाइंस ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव के लिए उड़ानें निलंबित कर दी हैं। इजरायल में अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को यरूशलेम और वेस्ट बैंक जाने से रोक दिया है। अमेरिका की इस तैयारी से इजरायल की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। इजरायल के वित्तीय बाजारों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे मुद्रा ‘शेकेल’ में भारी गिरावट है।
महंगा हुआ तेल, समुद्री सप्लाई प्रभावित
ईरान पर अमेरिका के हमले की आशंका के चलते मध्य पूर्व से सप्लाई होने वाले कच्चे तेल की कीमतें 3.2% बढ़कर 73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, लेकिन ट्रंप ने तेल की बढ़ती कीमतों को इग्नोर किया है। उनका कहना है कि ईरान के लोगों की जान और उनके भविष्य की परवाह ज्यादा है। लाल सागर में हूती विद्रोहियों और सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरों के कारण दुनिया की प्रमुख शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों का रूट बदल दिया है। अब जहाज स्वेज नहर की बजाय अफ्रीका के रास्ते आवाजाही कर रहे।










