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दुनिया

‘पाकिस्तान छोड़ें अमेरिकी अधिकारी’, ट्रंप के आदेश पर खाली हुए कराची और लाहौर दूतावास

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने कराची-लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों के गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को परिजनों समेत पाकिस्तान छोड़ने का आदेश जारी किया है. इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर यह आदेश लागू नहीं हुआ है.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Mar 4, 2026 16:23
Pakistan Protest And Violence:
अली खामेनेई की मौत के बाद जल रहा पाकिस्तान।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान में अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कराची और लाहौर में स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों से ‘नॉन-इमरजेंसी’ स्टाफ और उनके परिजनों को तुरंत पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है. यह फैसला 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है. खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान के कराची और लाहौर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों पर हमला करने की कोशिश की. कराची में हिंसा में कम से कम 9-10 लोग मारे गए, जबकि दर्जनों घायल हुए.

क्या है अमेरिका का आधिकारिक बयान?

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी मिशन ने आधिकारिक बयान में कहा, “सुरक्षा जोखिमों के कारण अमेरिकी विदेश विभाग ने लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावासों से गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है.” इस बीच, लाहौर, कराची और इस्लामाबाद में 6 मार्च तक सभी वीजा नियुक्तियां पहले ही रद्द कर दी गई हैं.

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क्यों बढ़ गया खतरा?

ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में मिसाइल और ड्रोन अटैक शुरू किए, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है. पाकिस्तान में खामेनेई की मौत के विरोध में सड़कें उबल पड़ीं, खासकर शिया समुदाय के प्रदर्शनों से. अमेरिकी यात्रा सलाह में चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान में आतंकवादी हमले बिना किसी पूर्व सूचना के हो सकते हैं. आतंकवादी होटल, बाजार, मॉल, हवाई अड्डे, स्कूल, अस्पताल, पूजा स्थल और सरकारी इमारतों को निशाना बना सकते हैं. गौरतलब है कि अमेरिका ने सऊदी अरब, ओमान और साइप्रस से भी गैर-आपातकालीन स्टाफ को निकालने की अनुमति दी है. यह कदम पूरे क्षेत्र में बढ़ते खतरे का संकेत है.

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First published on: Mar 04, 2026 04:23 PM

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