ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में एक नया मोड़ आया है. मौलाना सरकार ने 26 साल के एक प्रदर्शनकारी को बिना किसी वकील और दलील के ही मौत की सजा सुनाई है.जानकारी के मुताबिक इरफान सुल्तानी को बुधवार को फांसी दी जा सकती है. ये ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पहली फांसी होगी. सुल्तानी को 8 जनवरी को तेहरान के पास कराज में प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
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‘अल्लाह के दुश्मन हैं प्रदर्शनकारी’
हाल ही में ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी थी कि प्रदर्शनों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को अल्लाह का दुश्मन माना जाएगा, जिसे ईरानी कानून के तहत मौत की सजा दी जाएगी. ईरानी कानून की धारा 186 में कहा गया है कि अगर कोई समूह या संगठन इस्लामी गणराज्य के विरोध में शामिल होता है, तो उसके सभी सदस्य या समर्थक जो जानबूझकर इसे भड़काते हैं, उन्हें मोहारेब यानि ईश्वर का दुश्मन माना जा सकता है. इसके लिए सजा ए मौत, फांसी, दाहिना हाथ और बायां पैर काटना, या स्थायी आंतरिक निर्वासन जैसे कठोर दंड दिए जा सकते हैं
परिवार से 10 मिनट ही मिल पाए सुल्तानी
जानकारी के मुताबिक इरफान सुल्तानी को अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल तक नहीं करने दिया गया. उसे न तो वकील से मिलने दिया और ना ही अपने बचाव में कुछ कहने का मौका मिला. सुल्तानी के परिवार को भी उसकी गिरफ्तारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी हई. कहा जा रहा है कि सीधे 11 जनवरी को परिवार को ये खबर मिली की सुल्तानी को फांसी होने वाली है. परिवार के लोग सुल्तानी से सिर्फ 10 मिनट ही मिल पाए. सुल्तानी की बहन खुद एक वकील हैं, लेकिन उन्हें भी बोलने का कोई अधिकार नहीं दिया गया.
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