---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

‘अमेरिका-इजरायल पर बनाओ दबाव, तेहरान पर नहीं’, शांति चाहने वालों को ईरान का साफ संदेश

ईरान पर हमलों से मिडिल ईस्ट में क्रूड ऑयल निर्यात बुरी तरह बाधित हो चुका है, तेल कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की कगार पर हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बरकरार है. इस बीच, आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं.

---विज्ञापन---

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रयासों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट में शांति चाहने वालों को संघर्ष शुरू करने वालों (अमेरिका-इजरायल) पर दबाव बनाना चाहिए, न कि ईरान पर. एक्स पर पोस्ट में पेजेश्कियन ने कई देशों द्वारा शुरू किए गए मध्यस्थता प्रयासों को स्वीकारा, लेकिन तेहरान की स्थिति को स्पष्ट बताया. उन्होंने लिखा, ‘हम क्षेत्र में स्थायी शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अपनी गरिमा और प्रभुत्व की रक्षा में कोई संकोच नहीं करेंगे.’

‘ईरानी जनता का अपमान कर लगाई आग’

उन्होंने आगे लिखा, ‘मध्यस्थता का निशाना उन पर हो, जिन्होंने ईरानी जनता का अपमान कर आग लगाई.’ ईरान के इस बयान से स्पष्ट होता है कि फिलहाल वो अपनी सैन्य कार्रवाई को रोकने वाले किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा. पेजेश्कियन ने स्पष्ट रूप से उन देशों का नाम नहीं लिया जिन्होंने मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा, न ही संघर्ष शुरू करने वालों का जिक्र किया, लेकिन उनका इशारा अमेरिकी-इसरायली हमलों की ओर था.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: इंडोनेशिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, इस तारीख से लागू होगा नया नियम

28 फरवरी से जारी है खूनी संघर्ष

गौरतलब है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को जंग का ऐलान कर दिया. शुरुआती हमलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके जवाब में ईरान ने पड़ोसी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए, जिससे खाड़ी के ऊर्जा निर्यातक देश प्रभावित हुए और वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट मंडराने लगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: इजरायल की ‘ब्लू स्पैरो’ ने खामेनेई को मार डाला? जानिए कितनी ताकतवर है ये मिसाइल

इन हमलों से मिडिल ईस्ट में क्रूड ऑयल निर्यात बुरी तरह बाधित हो चुका है, तेल कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की कगार पर हैं, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा बरकरार है. इस बीच, आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं.

---विज्ञापन---
First published on: Mar 06, 2026 07:25 PM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

Read More

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola