एयरक्राफ्ट कैरियर US अब्राहम लिंकन को चार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के पब्लिक रिलेशन ऑफिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. ऑपरेशन 'ट्रू प्रॉमिस 4' से संबंधित घोषणा संख्या 7 में, IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के सशस्त्र बलों द्वारा हाल ही में अमेरिका और इजराइल से जुड़े लक्ष्यों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद की गई. बयान में कहा गया है कि अमेरिकी नौसेना के पोत को इसी अभियान के तहत निशाना बनाया गया.
यह दावा तब आया जब अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई. जनवरी में यूएसएस अब्राहम लिंकन तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयरों के साथ नौसेना को मजबूत करने पहुंचा था. बाद में दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड कैरिबियन से होते हुए मध्य पूर्व की ओर रवाना होकर भूमध्यसागरीय में तैनात हो गया, साथ ही चार अतिरिक्त डिस्ट्रॉयर भी जोड़े गए. कुल मिलाकर इस विस्तारित तैनाती से क्षेत्र में 10,000 से अधिक अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक पहुंचे.
यह भी पढ़ें: ‘होश में आ जाओ …’, खामेनेई की मौत के बाद भड़के ईरान को UAE की धमकी – पड़ोसियों से जंग महंगी पड़ेगी
शनिवार से शुरू हुए समन्वित हमलों ने वैश्विक झटका दिया, जिसमें तेहरान पर इजरायल के प्रमुख प्रहार के जवाब में ईरान ने ड्रोन व मिसाइलों से पलटवार किया. रविवार को संघर्ष और तेज हो गया. इजरायल ने तेहरान पर बड़ा हमला बोला, जबकि ईरान ने इजरायल, खाड़ी के अमेरिकी सैन्य अड्डों तथा दुबई जैसे व्यावसायिक केंद्रों को निशाना बनाया. पाकिस्तान में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शनकारियों के हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभियान की घोषणा करते हुए ईरानियों से ‘इस मौके को लपकने’ और ‘सत्ता पर कब्जा करने’ की अपील की, इसे राजनीतिक परिवर्तन का अवसर बताते हुए. यह हमला अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के कुछ दिन बाद ही हुआ, जब वाशिंगटन तेहरान पर अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने का दबाव बना रहा था.
एयरक्राफ्ट कैरियर US अब्राहम लिंकन को चार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के पब्लिक रिलेशन ऑफिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ से संबंधित घोषणा संख्या 7 में, IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के सशस्त्र बलों द्वारा हाल ही में अमेरिका और इजराइल से जुड़े लक्ष्यों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद की गई. बयान में कहा गया है कि अमेरिकी नौसेना के पोत को इसी अभियान के तहत निशाना बनाया गया.
यह दावा तब आया जब अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई. जनवरी में यूएसएस अब्राहम लिंकन तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयरों के साथ नौसेना को मजबूत करने पहुंचा था. बाद में दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड कैरिबियन से होते हुए मध्य पूर्व की ओर रवाना होकर भूमध्यसागरीय में तैनात हो गया, साथ ही चार अतिरिक्त डिस्ट्रॉयर भी जोड़े गए. कुल मिलाकर इस विस्तारित तैनाती से क्षेत्र में 10,000 से अधिक अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक पहुंचे.
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शनिवार से शुरू हुए समन्वित हमलों ने वैश्विक झटका दिया, जिसमें तेहरान पर इजरायल के प्रमुख प्रहार के जवाब में ईरान ने ड्रोन व मिसाइलों से पलटवार किया. रविवार को संघर्ष और तेज हो गया. इजरायल ने तेहरान पर बड़ा हमला बोला, जबकि ईरान ने इजरायल, खाड़ी के अमेरिकी सैन्य अड्डों तथा दुबई जैसे व्यावसायिक केंद्रों को निशाना बनाया. पाकिस्तान में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शनकारियों के हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभियान की घोषणा करते हुए ईरानियों से ‘इस मौके को लपकने’ और ‘सत्ता पर कब्जा करने’ की अपील की, इसे राजनीतिक परिवर्तन का अवसर बताते हुए. यह हमला अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के कुछ दिन बाद ही हुआ, जब वाशिंगटन तेहरान पर अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने का दबाव बना रहा था.