Hormuz Strait New Update: ईरान और अमेरिका में सीजफायर के बाद ईरान पूरी दुनिया को तगड़ा झटका देने की तैयारी में है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर ट्रांजिट चार्ज लगाने का प्लान बनाया है, यानी ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए भारी भरकम कमाई करने की योजना बनाई है। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते पूरी दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल, LPG और LNG सप्लाई होती है। इस सप्लाई पर अब ईरान टोल टैक्स वसूलेगा।
चीन ने अमेरिका और ईरान में कैसे कराया सीजफायर, क्या है 26 फोन कॉल का राज? 3 पॉइंट में जानें मामला
प्रति बैरल कच्चे तेल पर टैक्स लगाने का प्लान
ET की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान प्रति बैरल कच्चे तेल पर 1 डॉलर ट्रांजिट चार्ज लगाने का फैसला ले सकता है। अगर ईरान चार्ज वसूलता है तो इससे ईरान को प्रतिवर्ष 70 से 80 बिलियन डॉलर यानी करीब 6.43 लाख करोड़ से लेकर 7.4 लाख करोड़ रुपये तक की इनकम हो सकती है। यह रकम ईरान के तेल निर्यात से होने वाली कमाई से ज्यादा है। वहीं अगर ईरान ने टैक्स वसूलना शुरू किया तो उसे दुनिया के सबसे अमीर देशों की सूची में शामिल होने में देर नहीं लगेगी।
कच्चे तेल के निर्यात से ईरान को भारी कमाई
बता दें कि ईरान ने साल 2023 में कच्चे तेल के निर्यात से 41.1 बिलियन डॉलर कमाए थे। साल 2024 में यह कमाई 46.7 बिलियन डॉलर थी। साल 2026 में इनकम बढ़कर139 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। वहीं वर्तमान समय में ईरान 1.6 मिलियन बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन निर्यात कर रहा है। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट के संकरे मोड़ वाले रास्ते पर ईरान का कंट्रोल है, इसलिए ईरान अब उस कंट्रोल का फायदा टैंकरों से टोल वसूलकर कमाई करके उठाना चाहता है।
जंग के कारण ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद की थी
बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध का होर्मुज स्ट्रेट पर सबसे ज्यादा असर पड़ा था। हमले होने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। इस वजह से दुनियाभर के करीब 180 तेल टैंकर फंस गए थे। वहीं पूरे खाड़ी क्षेत्र में 1000 से ज्यादा टैंकरों की लाइन और भीड़ लग गई थी। वहीं होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनियाभर के कई देशों में तेल और गैस का संकट खड़ा हो गया था। होर्मुज के ईरान वाले रास्ते को देखते हुए टैक्स वसूलने की योजना बन रही है।










