मिडिल ईस्ट में लंबे वक्त से तनाव जारी है. इस बीच खाड़ी देश सऊदी अरब को भी बड़ा झटका लगा है. हूतियों ने सऊदी के मिलिट्री बेस पर ताबड़तोड़ हमले किए. उन्होंने मिलिट्री बेस को निशाना बनाते हुए मिसाइलें और ड्रोन दागे. हूतियों का कहना है कि सऊदी लगातार यमन पर जो कार्रवाई कर रहा है, ये हमले उसी के जवाब में किए गए हैं. हूतियों के प्रवक्ता ने ये चेतावनी भी दी है कि अगर ये लड़ाई जारी रहती है तो इसके परिणाम सऊदी अरब को भुगतने पड़ सकते हैं. एहतियातन सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है.

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हूतियों का क्या कहना है?

यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के शरूराह इलाके में मौजूद एक मिलिट्री बेस पर अटैक किया. उनका कहना है कि इस दौरान हथियारों के गोदामों, सैन्य कमान और कंट्रोल सेंटर्स को टारगेट किया गया. हूतियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए हमला किया. उनका कहना है कि हूतियों के सभी निशाने बिल्कुल सटीक थे.

कई ठिकानों पर किया कब्जा

पिछले 2 दिन में हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कई रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा किया है. बाब-अल-मंदेब के तटवर्ती शहर धुबाब पर भी हूती विद्रोहियों का कब्जा हो गया है. गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा किया था. इसके बाद शुक्रवार को सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने मोचा शहर के एयरपोर्ट पर बमबारी की, जिसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन हमले में सऊदी अरब की पूर्व पश्चिम ऑयल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की खबर है. सऊदी अरब इस पाइपलाइन से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए कच्चे तेल का निर्यात करता है.

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