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गाजा पट्टी में लगभग एक साल से चल रहे इजरायल-हमास युद्ध समाप्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. यहां के लोगों के लिए ये एक ऐतिहासिक पल है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता वाली 20 सूत्रीय शांति योजना के पहले चरण को लागू करने की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं.
बता दें कि हमास ने डोनाल्ड ट्रंप की योजना को स्वीकार लिया है, जिसके बाद से लोगों को ये उम्मीद है कि युद्ध के दौरान बंधक बनाए गए लोगों को जल्द ही छोड़ा जा सकता है.
हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले का बदला लेने के लिए इजरायल ने भी कड़ी कार्रवाई की. इजरायल-हमास के बीज जारी युद्ध बहुत भयंकर और मानवता को शर्मसार करने वाला था. वहीं, इजरायल ने हमास से बदला लेने की इस दौड़ में अब तक करीब 66 हजार फीलिस्तनियों को मार दिया है. वहीं, गाजा भयानक भुखमरी के दौर से गुजर रहा है और बच्चे महिलाएं खाने के लिए तरस रहें है जिसकी कई तस्वीरें पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हैं.
इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, गाजा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति के लिए हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं. बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम हैं.
भारत स्थायी और न्यायसंगत शांति की दिशा में सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता रहेगा.
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हमास और अमेरिका के बयान पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान जारी किया. जिसमें ये घोषणा की गई है कि इजरायल सभी बंधकों की तत्काल रिहाई के लिए ट्रंप योजना के पहले चरण के तत्काल कार्यान्वयन” के लिए तैयार है. इसके बाद प्रधानमंत्री ने इजरायल डिफेंस फोर्सेज को मौजूदा हमले को रोकने और पूरी तरह से रक्षात्मक रणनीति अपनाने का आदेश दिया है.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायल द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार युद्ध को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति और उनकी टीम के साथ पूर्ण सहयोग से काम करना जारी रखेंगे, जो युद्ध को समाप्त करने के ट्रंप के दृष्टिकोण के अनुरूप है.
-मिली जानकारी के अनुसार, हमास द्वारा गाजा पीस प्लान को स्वीकार करने के बाद 72 घंटों के अंदर ही हमास इजरायल के सभी 48 कैदियों को रिहा कर देगा. माना जा रहा है कि इन 48 कैदियों में 28 की मौत हो चुकी है, जबकि 20 जिंदा है. समझौते के तहत हमास इन मृत 28 इजरायली बंधकों के पार्थिव शरीर को भी इजरायल को सौंप देगा.
-इजरायल भी इसके बदले में 2000 फीलिस्तनियों को रिहा करेगा. इनमें 250 उम्र कैद की सजा काट रहे कैदी हैं जबकि 1,750 ऐसे लोग हैं जिन्हें इजरायल ने गिरफ्तार किया है.
-इस समझौते के तहत शांति से जीवन गुजर-बसर करने की इच्छा रखने वाले हमास के सदस्यों को सरेंडर करने का मौका दिया जाएगा. उन्हें हथियार सौंपने की आजादी होगी. उन्हें माफी दी जाएगी. लेकिन हमास का कोई सदस्य अगर गाजा से बाहर जाना चाहता है तो उसे वहां जाने की आजादी होगी.
-टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक हमास ने कहा है कि कैदियों के आदान-प्रदान के लिए जरूरी है कि आवश्यक परिस्थितियां तैयार हो.
-इजरायल गाजा सिटी पर नियंत्रण के लिए जमीन पर अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा लेकिन समझौते की शर्तों के अनुसार वह अपनी सेना धीरे-धीरे हटाएगा.
7 अक्टूबर 2023 का वो दिन जब हमास के आतंकवादियों ने जश्न मना रहे इजरायलियों पर हमला किया था. उस दौरान इस हमले में करीब 1200 इजरायली लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले के दौरान हमास ने 250 से ज्यादा इजरायली लोगों को बंधक बनाया था जिसमें से कुछ को हमास ने रिहा भी कर दिया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी थी कि 7 अक्टूबर हुए हमले का बदला लेने के लिए छिड़ी जंग में 25000 से ज्यादा हमास ‘सैनिक’ पहले ही मारे जा चुके हैं. बाकी ज्यादातर इजरायल की सेना के घेरे में बसे हैं. एक आदेश और इजरायल की सेना हमास के एक-एक सदस्य को ढेर कर देगी. अमेरिका और इजरायल दोनों जानते हैं कि आप कहां हैं और कौन हैं? एक-एक को ढूंढकर मार दिया जाएगा. इसलिए हमास को सरेंडर करने की सलाह देता हूं. निर्दोष फिलिस्तीनियों से आग्रह करता हूं कि वे तुरंत गाजा छोड़कर सुरक्षित इलाकों में चले जाएं.
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