अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15 फीट ऊंची भव्य गोल्डन मूर्ति इन दिनों विवादों में घिरी हुई है. ‘डॉन कोलोसस’ नाम की ये विशालकाय प्रतिमा पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अब तक किसी सार्वजनिक जगह पर नहीं लगाई जा सकी है. इसकी वजह पेमेंट से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है. इस मूर्ति को प्रसिद्ध अमेरिकी मूर्तिकार एलन कॉट्रिल ने बनाया है. मूर्तिकार का कहना है कि उन्हें अब तक करीब 92 हजार डॉलर की पूरी रकम नहीं मिली है. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक पूरा भुगतान नहीं होता, तब तक मूर्ति को इंस्टॉल नहीं किया जाएगा. इसी वजह से मूर्ति फिलहाल ओहायो राज्य के एक स्टूडियो में पड़ी हुई है और समय के साथ इसकी हालत भी खराब होती जा रही है.
ये भी पढ़ें: ओबामा के चेहरे पर बंदर का शरीर… ट्रंप के शेयर करते ही आग की तरह फैला वीडियो
मूर्ति में क्या है खास?
15 फीट ऊंची ये मूर्ति ब्रॉन्ज धातु से तैयार की गई है, जिस पर सोने जैसी चमकदार परत चढ़ाई गई है. मूर्ति में डोनाल्ड ट्रंप को मुट्ठी उठाए हुए दिखाया गया है. इसे ट्रंप की राजनीतिक ताकत और संघर्ष का प्रतीक माना जा रहा है. बताया जाता है कि ये पोज उस घटना से प्रेरित है, जब एक हमले के बाद भी ट्रंप डटे रहे थे. इस मूर्ति की कुल लागत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसका वजन लगभग 2700 किलो है.
क्यों नहीं लग पाई मूर्ति?
पहले इस गोल्डन मूर्ति को मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल रिजॉर्ट में लगाने की योजना थी, लेकिन अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि या अनावरण की तारीख सामने नहीं आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ लोगों ने इसे क्रिप्टोकरेंसी प्रमोशन से भी जोड़ा था, लेकिन क्रिप्टो बाजार में गिरावट के बाद फंडिंग में दिक्कतें आ गईं. इसी कारण भुगतान अटक गया और मूर्ति का भविष्य भी अंधकार में चला गया. फिलहाल ट्रंप की गोल्डन मूर्ति राजनीति, पैसे और विवाद के बीच फंसी हुई है और ये साफ नहीं है कि इसे कब और कहां स्थापित किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: घुसपैठियों के खिलाफ ट्रंप की बड़ी ‘स्टाइक’? क्या है SAVE AMERICA ACT? जिसके तहत वोटर कार्ड होगा अनिवार्य
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15 फीट ऊंची भव्य गोल्डन मूर्ति इन दिनों विवादों में घिरी हुई है. ‘डॉन कोलोसस’ नाम की ये विशालकाय प्रतिमा पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अब तक किसी सार्वजनिक जगह पर नहीं लगाई जा सकी है. इसकी वजह पेमेंट से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है. इस मूर्ति को प्रसिद्ध अमेरिकी मूर्तिकार एलन कॉट्रिल ने बनाया है. मूर्तिकार का कहना है कि उन्हें अब तक करीब 92 हजार डॉलर की पूरी रकम नहीं मिली है. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक पूरा भुगतान नहीं होता, तब तक मूर्ति को इंस्टॉल नहीं किया जाएगा. इसी वजह से मूर्ति फिलहाल ओहायो राज्य के एक स्टूडियो में पड़ी हुई है और समय के साथ इसकी हालत भी खराब होती जा रही है.
ये भी पढ़ें: ओबामा के चेहरे पर बंदर का शरीर… ट्रंप के शेयर करते ही आग की तरह फैला वीडियो
मूर्ति में क्या है खास?
15 फीट ऊंची ये मूर्ति ब्रॉन्ज धातु से तैयार की गई है, जिस पर सोने जैसी चमकदार परत चढ़ाई गई है. मूर्ति में डोनाल्ड ट्रंप को मुट्ठी उठाए हुए दिखाया गया है. इसे ट्रंप की राजनीतिक ताकत और संघर्ष का प्रतीक माना जा रहा है. बताया जाता है कि ये पोज उस घटना से प्रेरित है, जब एक हमले के बाद भी ट्रंप डटे रहे थे. इस मूर्ति की कुल लागत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसका वजन लगभग 2700 किलो है.
क्यों नहीं लग पाई मूर्ति?
पहले इस गोल्डन मूर्ति को मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल रिजॉर्ट में लगाने की योजना थी, लेकिन अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि या अनावरण की तारीख सामने नहीं आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ लोगों ने इसे क्रिप्टोकरेंसी प्रमोशन से भी जोड़ा था, लेकिन क्रिप्टो बाजार में गिरावट के बाद फंडिंग में दिक्कतें आ गईं. इसी कारण भुगतान अटक गया और मूर्ति का भविष्य भी अंधकार में चला गया. फिलहाल ट्रंप की गोल्डन मूर्ति राजनीति, पैसे और विवाद के बीच फंसी हुई है और ये साफ नहीं है कि इसे कब और कहां स्थापित किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: घुसपैठियों के खिलाफ ट्रंप की बड़ी ‘स्टाइक’? क्या है SAVE AMERICA ACT? जिसके तहत वोटर कार्ड होगा अनिवार्य