---विज्ञापन---

ग्रीनलैंड के बाद अब फ्रांस की शराब पर आया ट्रंप का दिल? राष्ट्रपति मैक्रों को दी 200% टैरिफ की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अब एक अन्य देश को दी गई धमकी से खलबली मच गई है. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस को धमकी देते हुए उनकी वाइन और शैंपने पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है. ताजा जानकारी के अनुसार, यह धमकी ऐसे समय में सामने आई है जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गाजा को लेकर बनाए गए ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हैं.

---विज्ञापन---

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अब एक अन्य देश को दी गई धमकी से खलबली मच गई है. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस को धमकी देते हुए उनकी वाइन और शैंपने पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है. ताजा जानकारी के अनुसार, यह धमकी ऐसे समय में सामने आई है जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गाजा को लेकर बनाए गए ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए तैयार नहीं हैं.

वहीं, ट्रंप ने कहा है कि ‘देखिए कोई भी उन्हें नहीं चाहता क्योंकि वो बहुत जल्द पद से बाहर होने वाले हैं. तो यह ठीक है अगर वह दुश्मनी दिखाना चाहते हैं, तो मैं उनकी वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा और फिर वो शामिल हो जाएंगे. वैसे उन्हें शामिल होना जरूरी भी नहीं है.’

---विज्ञापन---

हालांकि, इससे पहले भी मार्च 2025 में डोनाल्ड ट्र्ंप ने फ्रांस और यूरोपीय संघ के अन्य देशों से आने वाली वाइन, शैम्पेन और दूसरी शराब पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी.

क्यों है फ्रांस की शराब सबसे अलग?

फ्रांस का अल्कोहलिक ड्रिंक्स मार्केट करीब 69 बिलियन डॉलर का है और ऐसा दावा किया जा रहा है कि साल 2032 तक यह बढ़कर 73 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. हालांकि फ्रांस में अब लोग शराब की ज्यादा मात्रा की जगह शराब की अच्छी क्वालिटी पर ध्यान दे रहे हैं. जिससे इसकी बिक्री को भी बढ़ावा मिल रहा है. वहीं, साल 2025 में शराब की बिक्री में कमी आई थी, लेकिन महंगाई और कीमत बढ़ने के कारण भी इसकी कमाई बढ़ गई थी.

---विज्ञापन---

क्या है फ्रांस की शराब बनाने के नियम?

  • दरअसल, फ्रांस की शराब बनाने की कला सैकड़ों साल पुरानी एक परंपरा है. यहां पर शराब बनाने के लिए अंगूर कहां पर उगाए जाएंगे, वहां पर मिट्टी कैसी होगी और मौसम क्या है… सब कुछ स्वाद तय करता है. इसे Terroir कहा जाता है, जो फ्रांस की सबसे बड़ी और अहम पहचान बन चुकी है.
  • फ्रांस में Cognac, Champagne, Armagnac जैसी शराब को पूरी दुनिया में लग्जरी प्रोडक्ट के तौर पर देखा जाता है. वहीं, अमेरिका और यूरोप में रहने वाले अमीर वर्ग के लोगों में फ्रेंच शराब को एक स्टेटस सिंबल के तौर पर देखा जाता है. जिसके कारण ही इसकी कीमत और मुनाफा काफी ज्यादा है.
  • वहीं, फ्रांस में शराब बनाने के सख्त नियम और कानून हैं. शराब बनाने के लिए कौन-सा अंगूर इस्तेमाल होगा, किस इलाके में उसकी खेती होगी और उसे कैसे उगाया जाएगा- इन सभी प्रोसेस को तय किया गया है. वहीं, अमेरिका सहित कई ऐसे देश भी हैं जो फ्रांस जैसी शराब बनाना चाहते हैं, लेकिन वो वैसा ही स्वाद नहीं ला पाते हैं.

बात करें अमेरिका की तो अमेरिका खुद भी फ्रेंच शराब का सबसे बड़ा खरीददार है, खासकर Cognac और Champagne को अमेरिका बड़ी मात्रा में फ्रांस से खरीदता है. इसके अलावा अमेरिका बड़ी मात्रा में फ्रांस से वाइन भी खरीदता है.

क्या है बोर्ड ऑफ पीस?

बता दें कि मैक्रों का पांच साल का राष्ट्रपति कार्यकाल मई 2027 में खत्म होगा और फ्रांस के कानून के तहत वो तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सकते हैं. मैक्रों के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल न होने पर ट्रंप ने यह धमकी दी है. हमास और इजराइल युद्धिवार के दूसरे चरण के तहत ट्रंप ने हाल ही में बोर्ड ऑफ पीस के गठन का ऐलान किया है. यह बोर्ड गाजा के फिर से निर्माण, निवेश लाने तहत अहम काम करेगा.

---विज्ञापन---

ट्रंप द्वारा इस बोर्ड में शामिल होने के लिए कई विश्व नेताओं को निमंत्रण भेज दिए गए हैं, जिनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं.

First published on: Jan 20, 2026 06:31 PM

End of Article

About the Author

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola