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ग्रीनलैंड पर कब्जे की तैयारी शुरू, तैनात होने लगी अमेरिकी सेना, जवाबी टैरिफ पर EU को ट्रंप की चेतावनी

US vs Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर ग्रीनलैंड को हासिल करना चाहते हैं, इसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है. यूरोपीय और नाटो देशों की चेतावनी के बीच, ग्रीनलैंड की जनता के विरोध के बीच अमेरिका ने ग्रीनलैंड में सैन्य विमानों की तैनाती शुरू कर दी है.

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US vs Greenland: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए उन्होंने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की तैनाती के आदेश दिए हैं. ग्रीनलैंड के आर्मी बेस पिटुफिक पर सैन्य विमान तैनात कर दिए हैं, जो जल्दी ही लोकेशन पर पहुंच जाएंगे. वहीं अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका पर हजारों करोड़ का जवाबी टैरिफ लगाने के फैसले को लेकर यूरोप को कड़ी चेतावनी दी है.

ग्रीनलैंड में सैन्य तैनाती पर उठने लगे सवाल

नॉर्थ अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ग्रीनलैंड में तैनाती के लिए सेना और सैन्य विमान रवाना कर दिए गए हैं. ग्रीनलैंड सरकार को इस तैनाती की जानकारी पहले ही दे दी गई थी. वहीं ग्रीनलैंड पर कब्जे की राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी के बीच यूरोपीय देशों की एकजुटता का मजाक उड़ाया जा रहा है, क्योंकि ग्रीनलैंड की अमेरिका से रक्षा करने का बीड़ा तो उठा लिया, लेकिन ब्रिटेन में अमेरिका से टकराने की हिम्मत नहीं है.

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ग्रीनलैंड में 7 देशों की सेना भी हो चुकी तैनात

बता दें कि ग्रीनलैंड में सुरक्षा की तैनाती के नाम पर सिर्फ एक सैनिक को भेजा है, जबकि 7 यूरोपीय देश 40 सैनिक तैनात कर चुके हैं. डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, स्वीडन, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स और ब्रिटेन जैसे NATO देशों ने मिलकर ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस नाम से जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है, लेकिन इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेत्तो ने ग्रीनलैंड में नाटो और यूरोपीय देशों की सैन्य तैनाती को मजाक करार दिया है.

US वित्त मंत्री की यूरोपीय देशों को चेतावनी

बता दें कि ग्रीनलैंड में सेना की तैनाती के आदेश के बीच राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को यूरोपीय सरकारों को चेतावनी दी कि वे ग्रीनलैंड विवाद को लेकर अमेरिका द्वारा उठाए गए किसी भी कदम के खिलाफ जवाबी कार्रवाई न करें. ऐसा करना बेहद नासमझी भरा कदम होगा. दावोस में विश्व आर्थिक मंच की एनुअल मीटिंग के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने यूरोप के जवाबी टैरिफ की संभावना को खारिज कर दिया.

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टैरिफ की धमकियों से यूरोप पर दबाव बढ़ रहा है.
ट्रंप ने डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड पर व्यापक टैरिफ लगाने की धमकी दी है – जो 1 फरवरी से 10 प्रतिशत से शुरू होकर जून तक 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा – जब तक कि अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं दी जाती. उन्होंने कहा है कि ये उपाय तब तक लागू रहेंगे जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता.

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First published on: Jan 20, 2026 06:38 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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