Donald Trump Tariif Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया पर फिर टैरिफ बम फोड़ा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर एक ट्वीट लिखा है कि तत्काल प्रभाव से उस सभी देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगेगा, जो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करते हैं. यह आदेश अंतिम और निर्णायक है. आदेश का पालन किसी भी कीमत पर सुनिश्चित किया जाएगा.
"Effective immediately, any Country doing business with the Islamic Republic of Iran will pay a Tariff of 25% on any and all business being done with the United States of America. This Order is final and conclusive…." – PRESIDENT DONALD J. TRUMP pic.twitter.com/UQ1ylPezs9
---विज्ञापन---— The White House (@WhiteHouse) January 12, 2026
ईरान में शांति की स्थापना मकसद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे ईरान में शांति और सुशासन चाहते हैं और इसके लिए चाहे कुछ करना पड़े, वे करेंगे. ईरान में 28 दिसंबर से हिंसा और आंदोलन देख रहा हूं, जिसका ईरान की सरकार दमन कर रही है. 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और निर्दोष लोगों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ईरान को हमले की धमकी के बीच टैरिफ लगाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है.
दबाव डालने के लिए लगाया टैरिफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान कहा कि ईरान से व्यापार करने वालों पर टैरिफ लगने से आर्थिक दबाव पड़ेगा, तो वे ईरान पर दबाव डालेंगे कि अली खामेनेई को सत्ता से हटाकर सुशासन की स्थापना करें और जनता की सरकार बनाएं. ईरान के हालातों को देखते हुए ही यह फैसला किया है. पहले से डगमगा रही ईरान की आर्थिक व्यवस्था को और तोड़ने के लिए ही ईरान के सहयोगियों पर टैरिफ लगाया है.
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अमेरिका के रिश्ते भी होंगे प्रभावित
ट्रंप ने यह भी माना है कि बेशक टैरिफ लगने से भारत, तुर्की, चीन, संयुक्त अरब अमीरात समेत दुनियाभर के देशों से अमेरिका के रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन ईरान के भले के लिए यह फैसला लेना जरूरी था. टैरिफ को कब से और कैसे लागू किया जाएगा? किन देशों पर इसका असर पड़ेगा और किसे इससे छूट मिलेगी या नहीं? इसका फैसला अभी नहीं लिया गया है.
ईरान में क्यों चल रहा आंदोलन?
बता दें कि ईरान में अली खामेनेई की सत्ता के खिलाफ 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन और हिंसक आंदोलन जारी है, क्योंकि ईरान के लोग महंगाई और आर्थिक संकट से तंग आ चुके हैं. इसलिए लोग अपने हक की लड़ाई के लिए मैदान में उतरे हैं और अली खामेनेई को सत्ता से हटाकर ईरान से निर्वासित रेजा पहलवी के बेटे क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की सरकार चाहते हैं.
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अमेरिका पर भड़के अली खामेनेई
हिंसक आंदोनल में अब तक 500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 16000 से ज्यादा हिरासत में हैं. अमेरिका और ट्रंप सरकार ईरान की जनता के साथ है. राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर हमला करने की धमकी दे चुके हैं. वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरानी नेता ईरान के हालातों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और अमेरिका को चेतावनी दे चुके हैं.










