China News: चीन में बेरोजगारी की दर 18 पर्सेंट से ऊपर पहुंच गई है। 16 से 24 साल के बीच युवाओं को नौकरी मिलना अब चीन में आसान नहीं रहा है। चीन में नौकरी की तलाश में कई दिन से भटक रहे 21 साल के युवा ने अब जो कारनामा किया है, वह सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस युवा का नाम सॉन्ग जियाले है, जिसने अपनी टीशर्ट पर ही बायोडाटा प्रिंट करवा लिया है। ताकि उद्यमियों या एचआर मैनेजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच सके। ये युवा मध्य चीन के हेनान प्रांत का रहने वाला है, जिसने हुबई प्रांत की वुहान यूनिवर्सिटी से स्कूल ऑफ जियोमैटिक्स से बैचलर डिग्री हासिल की है। मास्टर डिग्री में एडमिशन से पहले उसने कई जगह इंटर्नशिप की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। जिसके बाद उसे दूसरे लोगों ने इस तरह का काम करने की सलाह दी, जिससे निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा जा सके।
टीशर्ट के पीछे बायोडाटा, फोटो और स्कैनर भी
शियाओहोंगशू नाम का इंस्टा अकाउंट भी सॉन्ग चलाता है। जिस पर उसने लिखा है कि वह एक चलता-फिरता बिलबोर्ड है, सिर्फ उसने नियोक्ताओं और मानव संसाधन पेशेवरों का ध्यान अपनी ओर करने के लिए ऐसा किया है। टीशर्ट के आगे लिखा है कि वह 2024 से ही नौकरी की तलाश में है। कृपया टीशर्ट के पीछे की ओर देखें। टीशर्ट के पीछे सीवी की प्रति, इंटर्नशिप, छात्र के तौर पर अचीवमेंट और डिग्रियों के बारे में जानकारी दी गई है। उससे अगर कोई संपर्क करना चाहता है क्यूआर कोड का ऑप्शन भी दिया गया है। जिसे स्कैन कर उससे संपर्क किया जा सकता है। इसके बारे में अलग से लिखित जानकारी दी गई है। लिखा है कि अगर कोई उससे संपर्क कर नेटवर्क बनाना चाहता है तो इस कोड को स्कैन करें। नौकरी ढूंढना आसान काम नहीं है। कृपया एक-दूसरे की मदद करें।
इस टीशर्ट को पहन सॉन्ग अपने गृहनगर से हुबेई तक ट्रेन से यात्रा भी कर चुका है। एक राहगीर ने उसकी फोटो खींचकर Douyin नाम के अकाउंट पर डाल दी। जिसे अब तक लगभग 3 लाख 85 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। बता दें कि सॉन्ग को उसके अनोखे प्रयास के कारण रनिंग अपैरल इंडस्ट्री में इंटर्नशिप मिल भी गई। सॉन्ग बताता है कि जब वह इंटरव्यू के लिए गया तो वहां के स्टाफ ने उसका टीशर्ट वाला वायरल फोटो भी दिखाया। बता दें कि चीन में बेरोजगारी के कारण लगातार हालत खराब होते जा रहे हैं। दावा किया गया है कि 11.58 मिलियन नई यूनिवर्सिटी जॉब्स युवाओं के लिए क्रिएट की गई हैं, जो पिछले साल से लगभग 8 लाख ज्यादा हैं।