बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर ले ली जान, दीपू दास के बाद दूसरी घटना

Bangladesh Hindu Lynching: पिछले हफ्ते मायमेनसिंह जिले में दीपू दास को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में लिंच कर जिंदा जला दिया था, जिसकी अंतरिम सरकार ने निंदा की थी. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने एक्स पर बयान जारी कर कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं.

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. दीपू चंद्र दास की हत्या के महज कुछ दिनों बाद एक और खौफनाक घटना ने दुनिया को हिलाकर रख दिया. अमृत मंडल नाम के हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. आरोप है कि वह एक स्थानीय निवासी शाहिदुल इस्लाम के घर लूटपाट करने पहुंचा था. स्थानीय लोगों का कहना है कि अमृत ने लंबे समय से भारत में छिपकर रहने के बाद हाल ही में लौटकर शाहिदुल से फिरौती मांगी थी और मंगलवार रात उसके साथ उसके गुट के लोग पैसे वसूलने घर पहुंचे.

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लोगों ने लगाया ये आरोप


द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, घरवालों ने चोर-चोर का शोर मचाया, तो आसपास के लोग दौड़े और अमृत को घेर लिया, बेरहमी से पिटाई कर दी. उसके साथी भाग निकले, लेकिन सेलीम नाम का एक साथी हथियारों के साथ पकड़ा गया. पिछले हफ्ते मायमेनसिंह जिले में दीपू दास को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में लिंच कर जिंदा जला दिया था, जिसकी अंतरिम सरकार ने निंदा की थी. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने एक्स पर बयान जारी कर कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं, अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. लेकिन अमृत मंडल की मौत ने फिर सवाल खड़े कर दिए कि क्या अपराधी होने पर भी भीड़ न्याय कर सकती है.

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हिंदू समुदाय में असुरक्षा की भावना


लोगों का दावा है कि अमृत का क्रिमिनल गैंग लंबे समय से फिरौती और अपराधों में लिप्त था, फिर भी हिंदू समुदाय में दहशत फैल गई है. स्थानीय लोग बताते हैं कि अमृत भारत भागा हुआ था, वापसी पर पुरानी दुश्मनी ने ले ली जान. देश में चल रही अस्थिरता के बीच धार्मिक अल्पसंख्यकों और मीडिया संस्थानों पर हमले बढ़ रहे हैं, जो राजनीतिक उथल-पुथल को और गहरा बना रहे हैं. शेख हसीना की सत्ता गिरने के बाद बने हालात में ऐसी घटनाएं बार-बार सुर्खियां बटोर रही हैं, हिंदू समुदाय में असुरक्षा की भावना पनप रही है.

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पुलिस ने सेलीम को हिरासत में ले लिया है, लेकिन अमृत के शव का पोस्टमॉर्टम और जांच चल रही है. ये हत्याएं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के लिए चुनौती बन गई हैं, जहां कानून का राज बहाल करने की कवायद के बीच भीड़ का राज टिक रहा है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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