---विज्ञापन---

दुनिया

ट्रंप पर कम हुआ अमेरिकी जनता का भरोसा! सामने आए व्हाइट हाउस के दावों की पोल खोलते आंकड़े

एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दूसरे देशों पर टैरिफ लगा रहें और टैरिफ के जरिए खरबों डॉलर से अपनी इकोनॉमी को बढ़ाने का दावा कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी लोगों का अपने देश की अर्थव्यवस्था पर भरोसा कम होता जा रहा है.

Author Edited By : Versha Singh
Updated: Jan 27, 2026 23:48

एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दूसरे देशों पर टैरिफ लगा रहें और टैरिफ के जरिए खरबों डॉलर से अपनी इकोनॉमी को बढ़ाने का दावा कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी लोगों का अपने देश की अर्थव्यवस्था पर भरोसा कम होता जा रहा है.

न्यूज एजेंसियों AP और AFP की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स 2020-21 की कोविड महामारी के दौरान की सबसे कम रीडिंग से भी नीचे गिर गया है और मंगलवार को कुछ और आंकड़े सामने आए जिनसे पता चलता है कि देश अब मंदी की ओर बढ़ रहा है.

---विज्ञापन---

मंगलवार को जारी डेटा के अनुसार, US कॉन्फ्रेंस बोर्ड का इंडेक्स जनवरी 2026 के लिए पिछले महीने के 94.2 से घटकर 84.5 हो गया. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा मई 2014 के बाद से सबसे कम है और अर्थशास्त्रियों के एक सर्वे में सभी अनुमानों से कम रहा है. इसका सीधा मतलब है कि अमेरिकी अपने फाइनेंशियल भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा चिंतित हैं.

इसके अलावा, अमेरिकियों की इनकम, बिजनेस की स्थिति और जॉब मार्केट के बारे में शॉर्ट-टर्म उम्मीदों का एक पैमाना 9.5 पॉइंट गिरकर 65.1 पर आ गया, जो 80 से काफी नीचे है. यह एक ऐसा संकेत है जो आने वाली मंदी की ओर इशारा करता है.

---विज्ञापन---

यह लगातार 12वां महीना है जब यह रीडिंग 80 से नीचे आई है, जिससे अमेरिकी लोगों की चिंताएं बढ़ रही हैं, जबकि ट्रंप के ‘अमेरिका फर्स्ट’, ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ और ऐसे दूसरे नारे कई मोर्चों पर उनकी कथित तौर पर संरक्षणवादी और संदिग्ध नीतियों को हवा दे रहे हैं. इसके अलावा कन्ज्यूमर्स का अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर आकलन 9.9 अंक गिरकर 113.7 पर आ गया है.

अमेरिकी कंज्यूमर्स भविष्य को लेकर भी चिंतित

कॉन्फ्रेंस बोर्ड की चीफ इकोनॉमिस्ट डाना पीटरसन ने कहा, ‘मौजूदा हालात और भविष्य की उम्मीदों को लेकर कंज्यूमर्स की चिंताएं बढ़ गईं हैं.’

नौकरी के मौके हुए कम

जॉब मार्केट को लेकर लोगों की सोच भी बदल गई है. सर्वे में बताया गया है कि 23.9% कंज्यूमर्स ने कहा कि नौकरियां ‘बहुत ज्यादा’ है, जो दिसंबर में 27.5% से कम है. साथ ही, 20.8% कंज्यूमर्स ने कहा कि नौकरियां ‘मिलनी मुश्किल हैं’, जो 19.1% से ज्यादा है.

इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि US लेबर मार्केट ‘कम हायरिंग, कम फायरिंग’ वाली स्थिति के बीच फंसा हुआ है, क्योंकि ट्रंप के टैरिफ फैसलों को लेकर अनिश्चितता के कारण बिजनेस सतर्क हैं.

बेरोजगारी दर 4.4%

अप्रैल में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिबरेशन डे पर टैरिफ की घोषणा के बाद पूरे साल नौकरियों में बढ़ोतरी नहीं हुई. 2025 में अर्थव्यवस्था में सिर्फ 5,84,000 नौकरियां आईं, जो 2024 में आई करीब 2 मिलियन नौकरियों से बेहद कम है.

First published on: Jan 27, 2026 11:45 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.