वेनेजुएला पर हमले के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस देश के तेल को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने साफ किया है कि वह भारत को भी वेनेजुएला का कच्चा तेल बेचेगा। हालांकि ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने इसके लिए एक शर्त बताई है।
दरअसल, फॉक्स बिजनेस को इंटरव्यू देते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने सवाल किया गया कि क्या अमेरिका, भारत की तेजी से बढ़ती और विशाल ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए उसे वेनेजुएला का कच्चा तेल फिर से खरीदने की इजाजत देगा। इस सवाल पर अधिकारी जवाब दिया- हां, लेकिन साथ ही ये भी कहा कि अभी इसके बारीक पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
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तेल बेचने की शर्त पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका, वेनेजुएला के तेल को दोबारा वैश्विक बाजार में जाने की अनुमति दे रहा है लेकिन यह सब कड़े नियंत्रण वाले ढांचे के तहत होगा। कहा कि इसकी मार्केटिंग अमेरिकी सरकार करेगी। पैसा तय खातों में ही जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा सैन्य अभियान चलाया गया। इसमें अमेरिका के खिलाफ अपने अपराधों के लिए गैरकानूनी तानाशाह निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया।
ट्रंप ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसने लाखों लोगों को मार डाला और जो बाइडेन की खुली सीमा नीति के कारण ड्रग डीलरों और नशेड़ियों को बिना किसी रोक-टोक के हमारे देश में घुसने दिया। मादुरो के जाने से वेनेजुएला और अमेरिका दोनों देशों के लिए एक अविश्वसनीय भविष्य संभव हो गया है। अमेरिका को इससे जो लाभ होगा, उनमें से एक ऊर्जा की कीमतों में और भी कमी होगी। दशकों पहले, अमेरिका ने भारी खर्च पर वेनेजुएला के तेल उद्योग का निर्माण किया था, लेकिन वे संपत्तियां हमसे छीन ली गईं।
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