Ali Khamenei Funeral: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को अभी सुपुर्द-ए-खाक नहीं किया जाएगा। क्योंकि उनके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम टाल दिया गया है। जल्दी ही अंतिम रस्मों और अंतिम संस्कार की नई तारीखों का ऐलान होगा। खामेनेई को ईरान के पवित्र शहर मशहद में दफनाया जाना है, लेकिन 3 दिन चलने वाली अंतिम संस्कार की रस्में अभी शुरू नहीं होंगी, जबकि रस्में आज रात 10 बजे शुरू होनी थी, लेकिन अब इन्हें शुरू करने की नई तारीख तय होगी।
अमेरिका के हमले में हुई खामेनेई की मौत
बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर 86 साल के अली खामेनेई की मौत अमेरिका के हमले में हुई थी। अमेरिका ने खामेनेई के दफ्तर पर कई बम गिराए थे। इस हमले में खामेनेई समेत ईरान के कई टॉप लीडर मारे गए थे। खामेनेई की मौत होने की पुष्टि पहले इजरायल और अमेरिका ने की थी। उसके बाद ईरान के मीडिया ने की थी। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने ऑफिशियल टेलीग्राम अकाउंट पर ऐलान किया था कि खामेनेई को तेहरान में आखिरी विदाई दी जाएगी।
खामेनेई की शोक सभा पर हमले का खतरा
मिली जानकारी के अनुसार, तेहरान में होने वाली खामेनेई की शोक सभा पर इजरायल का हमला होने की आशंका की चलते कार्यक्रम को टाला गया है। क्योंकि खामेनेई की अंतिम विदाई में लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिनकी जान को खतरा हो सकता है। 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में करीब 1 करोड़ लोग जुटे थे। अब उनके उत्तराधिकारी अली खामेनेई की शोक सभा में लाखों लोग जुट सकते हैं, लेकिन जंग के मद्देनजर अंतिम विदाई में दिक्कत आ रही है।
खुमैनी मस्जिद में 3 दिन चलेंगी अंतिम रस्में
ईरान की इस्लामिक प्रचार परिषद के प्रमुख हुज्जतोलेस्लाम महमूद ने बताया कि अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में खुमैनी मस्जिद में आज रात करीब 10 बजे शुरू होनी थीं। अंतिम रस्में करीब 3 दिन चलेंगी और उसके बाद उन्हें ईरान के पवित्र शहर मशहद में दफनाया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए कार्यक्राम का आयोजन करने वाली संस्था तेहरान की इस्लामिक डेवलपमेंट को-ऑर्डिनेशन काउंसिल के प्रमुख मोहसेन महमूद ने मीडिया को बताया कि नई तारीख का ऐलान जल्द करेंगे।
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अली खामेनेई को मशहद में दफनाया जाएगा
बता दें कि खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में इमाम रजा पवित्र दरगाह पर इमाम अली इब्न मूसा अल-रिदा की दरगाह के पास दफनाया जाएगा। इसी शहर में 19 अप्रैल 1939 को उनका जन्म हुआ था। इसी शहर में शिया इस्लाम के 8वें इमाम इमाम अली अल-रजा की कब्र है। मशहद का अर्थ है- शहीद की जगह, वो जगह जहां ईरान के शहीदों को दफनाया जाता है। क्योंकि ईरान के लोगों और मीडिया ने खामेनेई की मौत को शहादत करार दिया है। इसलिए उन्हें एक शहीद की तरह दफनाया जाएगा।
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