Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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Lok Sabha Election: साल 1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल घोषित कर दिया था। इसके बाद 1977 में अचानक लोकसभा चुनाव आयोजित करने का ऐलान कर दिया गया था। लेकिन इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस के शासन की सख्ती को सबने महसूस किया था और इसी का परिणाम रहा कि इस चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इसी दौराीन जनता पार्टी का गठन हुआ और कांग्रेस के वो नेता भी इसका हिस्सा बने जो इमरजेंसी के विरोध में थे।
इस चुनाव में जनता पार्टी के खाते में 295 सीटें आई थीं। अगर उसके सहयोगियों को भी मिला लें तो सीटों की संख्या 330 थी। वहीं, कांग्रेस को केवल 154 सीटों पर जीत मिल पाई थी। बहुमत मिलने के बाद पीएम पद के लिए तीन नाम सामने लाए गए। ये नाम थे चौधरी चरण सिंह, जगजीवन राम और मोरारजी देसाई के। मुहर देसाई के नाम पर लगी और वह प्रधानमंत्री बन गए। हालांकि, केवल 18 महीने में ही फूट पड़ने से देसाई की सरकार अल्पमत में आ गई थी।
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