नहीं रहे भेलपुरी बेचने वाले वाले 'पिंकी अंकल', DU से सोशल मीडिया पर थी पॉपुलैरिटी

Pinki Uncle No More : दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस में ठेला लगाकर भेलपुरी बेचने वाले पिंकी अंकल अब इस दुनिया में नहीं रहे, 17 नवंबर को उनका निधन हो गया।

Pinki Uncle noMore
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Pinki Uncle No More : सोशल मीडिया ने कई लोगों को प्रसिद्धि और पॉपुलैरिटी दी है। ऐसे कई लोग हैं जो सालों से काम करते आ रहे हैं लेकिन ना तो उनकी कोई खास पहचान थी और ना ही पॉपुलैरिटी  लेकिन सोशल मीडिया के आने के बाद ऐसे कई आम लोग हैं, जो स्टार बन चुके हैं। ऐसे ही पिंकी अंकल के नाम से मशहूर भेलपुरी बेचने वाले बुजुर्ग एक भी थे, जिनकी बातें सुनकर लोग हंसी नहीं रोक पाते थे। पिंकी अंकल अब दुनिया को अलविदा कह गए हैं।

नहीं रहे पिंकी अंकल

दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस में सुनील सेठी नाम के बुजुर्ग करीब 40 साल से भेलपुरी बेचते थे। कहा जाता है कि विश्वविद्यालय  के छात्र-छात्राओं के लिए सुनील सेठी का ठेला पसंदीदा जगह हुआ करता था। प्यार से उन्हें लोग पिंकी अंकल कहते थे। उनके निधन के बाद विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में खालीपन आ गया है।

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कैंपस लॉ सेंटर की ईवनिंग बिल्डिंग के पास उनका ठेला करीब 40 सालों से लगता था। पहले वह यूनिवर्सिटी में ही फेमस थे लेकिन बाद में वीडियो के जरिए वह करोड़ों लोगों तक पहुंच गए। उनकी बातें सुनकर लोगों की हंसी नहीं रुकती थी। वह मजाक में कहते थे कि मैं बूढ़ा नहीं हुआ हूं। अभी मेरी उम्र 22 साल है।

पिंकी अंकल सीरियस होकर मजाक करते थे। वह मजाक करते थे लेकिन उनके चेहरे पर कभी मुस्कुराहट नहीं हुआ करती थी। कई बार उन्हें लोग आंटी का जिक्र कर छेड़ते थे, इस पर भी वह मजाकिया टिप्पणी करते थे। पिंकी अंकल अपनी उम्र को लेकर भी खूब मजाक करते थे।

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हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों का कहना है कि 60 रुपये की भेल पूरी की प्लेट अब कभी भी पहले जैसी नहीं रहेगी। उनके स्वभाव और मजेदार बातों को कोई नहीं भूल पाएगा। कई लोगों का कहना है कि उनके बिना तो यूनिवर्सिटी की यादें पूरी ही नहीं होंगी।

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