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शख्स ने एक्सेल शीट पर किया दोस्तों का ‘ऑडिट’, 6 साल के डेटा से निकाला ‘नफा-नुकसान’

बेंगलुरु के एक शख्स ने 6 साल तक डेटा ट्रैक कर दोस्ती का गणित समझाया है. उनके अनुसार एक गहरी दोस्ती में 192 घंटे लगते हैं और नए दोस्त बनाना घाटे का सौदा है.

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Written By: Raja Alam Updated: Feb 17, 2026 19:22

बेंगलुरु के एक पेशेवर पंकज ने सोशल मीडिया पर अपनी दोस्ती के विश्लेषण का 6 साल का डेटा साझा किया है. उन्होंने ‘जिया’ नाम का एक पर्सनल टूल बनाया है जो उनके जीवन के लोगों के साथ बातचीत और उनके व्यवहार का रिकॉर्ड रखता है. पंकज का मानना है कि अगर किसी रिश्ते का रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) लंबे समय तक नकारात्मक रहता है, तो वे उस व्यक्ति से बात करना बंद कर देते हैं. हालांकि कई लोग इसे बहुत ही भावनाहीन और अजीब तरीका मान रहे हैं, लेकिन पंकज का तर्क है कि समय सीमित है और उसे सही जगह निवेश करना जरूरी है.

नए दोस्त बनाने में कितने घंटे लगते हैं?

पंकज के डेटा के मुताबिक एक गहरी दोस्ती बनाने में बहुत अधिक समय खर्च होता है. उन्होंने हिसाब लगाया कि किसी अनजान से गहरी बातचीत तक पहुंचने में 8 से 12 घंटे और भरोसा जीतने में करीब 45 से 60 घंटे लगते हैं. एक अच्छी दोस्ती को पूरी तरह तैयार करने में कुल 128 से 192 घंटों की मेहनत लगती है. पंकज ने बताया कि साल 2019 से 2025 के बीच उन्होंने नए दोस्त बनाने में 354 घंटे खर्च किए, लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं रहा और वे लोग आज उनके फोन में सिर्फ एक नाम बनकर रह गए हैं.

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सीमित इमोशनल बैंडविड्थ और कड़वा सच

पंकज के विश्लेषण से एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि कोई भी इंसान एक समय में केवल 5 से 8 बहुत गहरे और अधिकतम 10 से 12 सार्थक रिश्ते ही निभा सकता है. उनका कहना है कि हर नया दोस्त पुराने रिश्तों की गहराई को कम कर देता है. उनके वर्तमान में 4 पक्के दोस्त हैं जिन्हें वे 8 से 12 सालों से जानते हैं और उन पर हर साल 400 घंटे खर्च करते हैं. उनके गणित के अनुसार 25 साल की उम्र में बनी नई दोस्ती के 2 साल के भीतर टूटने की संभावना 72 से 73 प्रतिशत तक होती है.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस पोस्ट के सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोग दो हिस्सों में बंट गए हैं. कुछ यूजर्स का कहना है कि जिंदगी को इस तरह गणित के नजरिए से देखना बहुत ही डरावना और गलत है क्योंकि बातचीत खुद में एक आनंद है, न कि कोई बिजनेस. वहीं कुछ लोगों को यह डेटा काफी दिलचस्प लगा और उन्होंने माना कि अच्छे दोस्तों पर ज्यादा ध्यान देना ही बुद्धिमानी है. पंकज ने अंत में लिखा कि 23 साल की उम्र के बाद अब वे नए दोस्त बनाने के लिए ‘नो’ कहना पसंद करते हैं और अपनी ऊर्जा पुराने रिश्तों और सेहत पर लगाते हैं.

First published on: Feb 17, 2026 07:22 PM

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