पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति पर मानसिक विक्षिप्त श्मशानवासी की हत्या कर उसके मांस को खाने का प्रयास करने का आरोप लगा है. यह मामला उत्तर प्रदेश के निठारी कांड की याद दिलाता है, हालांकि दोनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन आरोपियों की विकृत मानसिकता एक जैसी प्रतीत होती है. दिनहाटा साहेबगंज पुलिस ने आरोपी फिरदौस आलम को गिरफ्तार कर लिया है, जो थराईखाना गांव का निवासी है.
हत्या के बाद शव को किया साफ
पुलिस ने चार दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. 10 जनवरी को कुर्शा हाट इलाके में श्मशान घाट से सटे क्षेत्र में एक अज्ञात मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति का शव बरामद हुआ, जिसके गले और कंधे पर गहरे चाकू के घाव थे. दिनहाटा उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) धीमान मित्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नशे के आधीन फिरदौस ने रात के अंधेरे में श्मशानवासी को निशाना बनाया, उसकी हत्या की और शव को अपने घर ले जाकर चिकन-मटन की तरह बारीकी से साफ करने लगा.
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शव का मांस खाने का था इरादा
उसका स्पष्ट इरादा शव का मांस खाना था, लेकिन गवाहों के बयानों और पूछताछ से मामला खुल गया. श्मशानवासी होने के कारण वह आरोपी के लिए आसान शिकार था. दूरदराज के दिनहाटा इलाके में यह घटना हड़कंप मचा रही है. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है, जिसमें आरोपी के नशे की लत और मानसिक स्थिति पर भी गौर किया जा रहा है. स्थानीय स्तर पर आक्रोश फैल गया है, और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.









