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‘ममता बनर्जी अगर ये फैसला लें तो TMC में लौट आएंगे बागी’, घर वापसी के लिए रखी शर्त

TMC Rebel Faction Mamata Banerjee: तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता और पूर्व मंत्री रवींद्रनाथ घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने सुलह का एक नया पासा फेंका है। घोष का दावा है कि अगर ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से हटा दें, तो नाराज नेता वापस आ जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी की मनमानी और आई-पैक (I-PAC) के दखल के कारण ही विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार हुई है।

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TMC Rebel Faction Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर छिड़ी बगावत अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तर बंगाल विकास विभाग के पूर्व मंत्री और कूचबिहार में तृणमूल का बड़ा चेहरा रहे रवींद्रनाथ घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने बड़ा पासा फेंका है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल होने के बाद घोष ने कहा है कि अगर ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूर कर दें तो नाराज नेता और कार्यकर्ता पार्टी में लौटने को तैयार हैं।

‘अभिषेक की मनमानी और अनुभवहीनता ने पहुंचाया नुकसान’

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए रवींद्रनाथ घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के पास राजनीतिक अनुभव की कमी है और वे किसी जन-आंदोलन से निकलकर नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक की मनमानी के चलते 80 से अधिक मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के टिकट काट दिए गए, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं को सांगठनिक पदों से हटा दिया गया।

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घोष ने राजनीतिक रणनीतिकार कंपनी आई-पैक (I-PAC) पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, “2011 या 2016 में आई-पैक नहीं थी। अचानक कुछ युवाओं के समूह को हमारे ऊपर थोप दिया गया, जो हमें बताते थे कि क्या करना है। संघर्ष से बनी पार्टी को इन लोगों ने बर्बाद कर दिया और चले गए।”

‘क्या दीदी के हाथों में अब ताकत बची है?’

दो दशक से ज्यादा समय तक तृणमूल के जिलाध्यक्ष रहे घोष ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि दीदी के हाथों में अब कोई वास्तविक शक्ति नहीं बची है और फैसले नाकाबिल लोगों द्वारा लिए जा रहे हैं।

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फिलहाल, बागी गुट ने राज्य और जिलों में अपनी समानांतर समितियां गठित कर ली हैं। घोष ने कहा कि उत्तर बंगाल के अधिकांश विधायक और नेता एक साथ आ चुके हैं और वे पार्टी कार्यकर्ताओं के हित में बहुमत वाले बागी गुट के साथ खड़े हुए हैं।

ममता बनर्जी का रुख: डैमेज कंट्रोल या सख्त रुख?

हाल ही में ममता बनर्जी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि पार्टी को कमजोर करने या केंद्रीय एजेंसियों के डर से बगावत करने वालों के सामने वे नहीं झुकेंगी। हालांकि, पार्टी के अस्तित्व और विधानसभा में बहुमत को बनाए रखने के लिए अब वे कोर कमेटी के जरिए बातचीत के रास्ते खुले रख रही हैं।
तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के प्रतिनिधि का कहना था कि “हम पार्टी को बचाने के लिए किसी भी समय बात करने को तैयार हैं, लेकिन सम्मान और सिद्धांत से कोई समझौता नहीं होगा। अगर हमारी जायज मांगों को सुना जाता है तो अलग रास्ता चुनने का कोई सवाल ही नहीं उठता।”

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अभिषेक बनर्जी का गुट और भावी रणनीति

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का मानना है कि पार्टी में पेशेवर रुख और नए चेहरों की भागीदारी अनिवार्य है। बागी नेताओं की शर्तों को पूरी तरह मानना उनके द्वारा किए गए संगठनात्मक सुधारों को पीछे ले जाने जैसा हो सकता है। इसलिए समझौता केवल बीच का रास्ता निकालकर ही संभव है।

First published on: Jul 12, 2026 06:59 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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