नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते का TMC से मोहभंग! ये वजह बताकर दिया ममता की पार्टी से इस्तीफा

West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है. अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने भी टीएमसी का साथ छोड़ दिया है. गौरतलब है कि वो इससे पहले बीजेपी में भी रह चुके हैं.

Chandra Kumar Bose ANI

Chandra Kumar Bose (ANI)

Chandra Kumar Bose Quits TMC: भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि उनका ये फैसला निजी कारणों से लिया गया है. उनका इस्तीफा पिछले कुछ सालों में हुए कई राजनीतिक बदलावों के बाद आया है, जिसमें बीजेपी से उनका जाना और उसके बाद ममता बनर्जी की टीएमसी से जुड़ना शामिल है. अपने इस्तीफे में, बोस ने कहा कि वो निजी कारणों से तुरंत तृणमूल कांग्रेस की अपनी प्राइमरी मेंबरशिप छोड़ रहे हैं. पार्टी ने उनके इस ऐलान पर ऑफिशियली कोई जवाब नहीं दिया है.

विज्ञापन

TMC में कब हुए थे शामिल?

चंद्र कुमार बोस 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी में शामिल हुए थे, और इसे एक ऐसा प्लेटफॉर्म बताया था जो ज्यादा सबको साथ लेकर चलने वाली राजनीतिक सोच को दिखाता है. इससे पहले, 2023 में बीजेपी छोड़ते समय, उन्होंने कहा था कि पार्टी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े राष्ट्रवादी विचारों को बढ़ावा देने के अपने वादे को पूरा नहीं किया है.

विज्ञापन

BJP में राजनीतिक करियर

बीजेपी के साथ उनका जुड़ाव 2016 में शुरू हुआ, जब उन्होंने पार्टी के टिकट पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ा था. उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव भी BJP कैंडिडेट के तौर पर लड़ा था. अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने पश्चिम बंगाल BJP के वाइस-प्रेसिडेंट के तौर पर काम किया, हालांकि फिर 2020 में पार्टी के ऑर्गनाइजेशनल रीशफल के दौरान उन्हें हटा दिया गया.

चंद्र कुमार बोस का इतिहास

भारत के सबसे जाने-माने पॉलिटिकल फैमिली में से एक में जन्मे, चंद्र कुमार बोस पूर्व सांसद और वकील अमिय नाथ बोस के बेटे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई शरत चंद्र बोस के पोते हैं. राजनीति में आने से पहले, बोस ने एक कामयाब कॉर्पोरेट करियर बनाया. वो लंदन के हेंडन कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएट और IIM कलकत्ता के छात्र रहे, उन्होंने एचआर कंसल्टेंसी और स्किल डेवलपमेंट कंपनी शुरू करने से पहले तकरीबन 2 दशकों तक टाटा स्टील के साथ काम किया. उन्होंने नेताजी के जीवन और विरासत से जुड़ी फाइलों को डीक्लासिफाई करने के लिए भी एक्टिव तरीके से कैंपेन चलाया है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ