TMC को एक और झटका! सांसद कोयल मल्लिक ने दिया इस्तीफा, छोड़ी राज्यसभा की सदस्यता
पश्चिम बंगाल में विपक्षी पार्टी TMC और ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है. बता दें कि बंगाल से TMC सांसद कोयल मल्लिक ने इस्तीफा दिया है. उसके इस्तीफे से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jul 16, 2026 17:26
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ममता बनर्जी की पार्टी TMC को एक और बडा झटका लगा है. मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल से TMC की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं, पार्टी से पद छोड़ने वाली वह चौथी सांसद हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, TMC की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने आज उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की. इस दौरान कोयल ने अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया है. वहीं, अब कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों की संख्या फिर से घट गई है. अब राज्यसभा में TMC के सिर्फ 9 सांसद बचे हैं.
गौरतलब है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के महज कुछ महीने बाद ही यह फैसला लिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पहले से ही आंतरिक उथल-पुथल झेल रही है.
विपक्ष के नेता ऋतब्रत गुट का थामा हाथ
वहीं, एक दिन पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्रा ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे की घोषणा की थी. मदन मित्रा ने अपने इस्तीफे के पीछे की वजह भी बताई. उन्होंने कहा, 'वह पार्टी के अंदर ठीक से काम नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाय महासचिव अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी शिकायतों को बार-बार अनसुना किया गया और पार्टी नेतृत्व ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया.' बता दें कि कामारहाटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक मित्रा ने विपक्ष के नेता ऋतब्रत गुट का दामन थाम लिया है.
वहीं, बीते कुछ समय पहले ही ममता बनर्जी ने उन्हें विधायकों का मुख्य व्हिप बनाया था.
अब कोयल मल्लिक के इस्तीफे से तृणमूल कांग्रेस के लिए एक और संकट खड़ा हो गया है. एक तरफ पार्टी पहले से ही आंतरिक कलह का सामना कर रही थी, तो वहीं अब दूसरी तरफ लगातार दो बड़े चेहरों के जाने से पार्टी की छवि और संगठनात्मक मजबूती दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह घटनाक्रम तृणमूल के लिए एक बड़ा झटका है. फिलहाल न तो तृणमूल कांग्रेस की ओर से और न ही कोयल मल्लिक की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है.
ममता बनर्जी की पार्टी TMC को एक और बडा झटका लगा है. मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल से TMC की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं, पार्टी से पद छोड़ने वाली वह चौथी सांसद हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, TMC की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने आज उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की. इस दौरान कोयल ने अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया है. वहीं, अब कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों की संख्या फिर से घट गई है. अब राज्यसभा में TMC के सिर्फ 9 सांसद बचे हैं.
गौरतलब है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के महज कुछ महीने बाद ही यह फैसला लिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पहले से ही आंतरिक उथल-पुथल झेल रही है.
विपक्ष के नेता ऋतब्रत गुट का थामा हाथ
वहीं, एक दिन पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्रा ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे की घोषणा की थी. मदन मित्रा ने अपने इस्तीफे के पीछे की वजह भी बताई. उन्होंने कहा, ‘वह पार्टी के अंदर ठीक से काम नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाय महासचिव अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी शिकायतों को बार-बार अनसुना किया गया और पार्टी नेतृत्व ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया.’ बता दें कि कामारहाटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक मित्रा ने विपक्ष के नेता ऋतब्रत गुट का दामन थाम लिया है.
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वहीं, बीते कुछ समय पहले ही ममता बनर्जी ने उन्हें विधायकों का मुख्य व्हिप बनाया था.
अब कोयल मल्लिक के इस्तीफे से तृणमूल कांग्रेस के लिए एक और संकट खड़ा हो गया है. एक तरफ पार्टी पहले से ही आंतरिक कलह का सामना कर रही थी, तो वहीं अब दूसरी तरफ लगातार दो बड़े चेहरों के जाने से पार्टी की छवि और संगठनात्मक मजबूती दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह घटनाक्रम तृणमूल के लिए एक बड़ा झटका है. फिलहाल न तो तृणमूल कांग्रेस की ओर से और न ही कोयल मल्लिक की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है.