प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान दस्तावेज और लैपटॉप लेकर बाहर निकलने के बाद सुप्रीम कोर्ट से नोटिस मिलने के कुछ दिनों बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत से सीधे अपील की कि एजेंसियों के 'निशाने' से लोगों को बचाया जाए. कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच भवन के उद्घाटन समारोह में मंच पर बैठे CJI और अन्य न्यायाधीशों से सीएम ममता बनर्जी ने निवेदन किया कि वो संविधान की रक्षा करें.
ममता बनर्जी ने हाथ जोड़कर की अपील
मंच पर सीजेआई सूर्यकांत और अन्य जजों से अपील करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने हाथ जोड़कर कहा, 'मेरी मुख्य न्यायमूर्ति और सभी न्यायमूर्तियों से विनम्र प्रार्थना है- संविधान, लोकतंत्र, न्यायपालिका, देश के इतिहास, भूगोल और सीमाओं को आपदा से बचाएं. एजेंसियां बदनाम कर रही हैं… जानबूझकर बदनामी की साजिश रची जा रही है. लोगों को बचाएं. यह मैं अपने लिए नहीं कह रही, न्यायपालिका, संविधान और देश को बचाएं. हम आपकी हिफाजत में हैं. आप संविधान के रक्षक हैं, आपसे ऊपर कोई नहीं.'
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सुप्रीम कोर्ट ने सीएम ममता को दिया था झटका
ममता बनर्जी ने मीडिया ट्रायल के ट्रेंड को रोकने की भी मांग की. गौरतलब है कि ED ने I-PAC पर कोयला घोटाले से जुड़ी 9 जनवरी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी द्वारा कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. गुरुवार को जस्टिस प्रशांत मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियां अगर सद्भाव से गंभीर अपराध की जांच कर रही हों, तो क्या पार्टी कार्यों से उनकी बाधा डाली जा सकती है? बेंच ने ममता, राज्य सरकार और DGP राजीव कुमार को नोटिस जारी कर CBI जांच की मांग पर सुनवाई बुलाई. साथ ही ईडी अधिकारियों पर दर्ज एफआईआर पर भी रोक लगा दी थी.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान दस्तावेज और लैपटॉप लेकर बाहर निकलने के बाद सुप्रीम कोर्ट से नोटिस मिलने के कुछ दिनों बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत से सीधे अपील की कि एजेंसियों के ‘निशाने’ से लोगों को बचाया जाए. कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच भवन के उद्घाटन समारोह में मंच पर बैठे CJI और अन्य न्यायाधीशों से सीएम ममता बनर्जी ने निवेदन किया कि वो संविधान की रक्षा करें.
ममता बनर्जी ने हाथ जोड़कर की अपील
मंच पर सीजेआई सूर्यकांत और अन्य जजों से अपील करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने हाथ जोड़कर कहा, ‘मेरी मुख्य न्यायमूर्ति और सभी न्यायमूर्तियों से विनम्र प्रार्थना है- संविधान, लोकतंत्र, न्यायपालिका, देश के इतिहास, भूगोल और सीमाओं को आपदा से बचाएं. एजेंसियां बदनाम कर रही हैं… जानबूझकर बदनामी की साजिश रची जा रही है. लोगों को बचाएं. यह मैं अपने लिए नहीं कह रही, न्यायपालिका, संविधान और देश को बचाएं. हम आपकी हिफाजत में हैं. आप संविधान के रक्षक हैं, आपसे ऊपर कोई नहीं.’
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सुप्रीम कोर्ट ने सीएम ममता को दिया था झटका
ममता बनर्जी ने मीडिया ट्रायल के ट्रेंड को रोकने की भी मांग की. गौरतलब है कि ED ने I-PAC पर कोयला घोटाले से जुड़ी 9 जनवरी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी द्वारा कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. गुरुवार को जस्टिस प्रशांत मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियां अगर सद्भाव से गंभीर अपराध की जांच कर रही हों, तो क्या पार्टी कार्यों से उनकी बाधा डाली जा सकती है? बेंच ने ममता, राज्य सरकार और DGP राजीव कुमार को नोटिस जारी कर CBI जांच की मांग पर सुनवाई बुलाई. साथ ही ईडी अधिकारियों पर दर्ज एफआईआर पर भी रोक लगा दी थी.