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पश्चिम बंगाल

ममता बनर्जी पहुंची चुनाव आयोग, बंगाल से दिल्ली लेकर आईं 13 परिवार; क्या है वजह?

ममता बनर्जी 13 पीड़ित परिवारों के साथ चुनाव आयोग के दिल्ली दफ्तर पहुंचीं. उन्होंने वोटर लिस्ट संशोधन में धांधली और प्रभावित लोगों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है.

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Written By: Raja Alam Updated: Feb 2, 2026 18:13

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को वोटर लिस्ट रिवीजन यानी एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर सीधे चुनाव आयोग के दिल्ली दफ्तर पहुंच गईं. उनके साथ टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे. ममता बनर्जी इस बार अकेले नहीं आईं बल्कि अपने साथ उन 13 परिवारों के सदस्यों को भी लेकर आईं जो इस प्रक्रिया से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. ममता बनर्जी का कहना है कि वे इन परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी आई हैं क्योंकि बंगाल के लोगों के अधिकारों और गरिमा को किसी भी कीमत पर कुचलने नहीं दिया जाएगा.

पीड़ित परिवारों की आंखों में आंसू

चुनाव आयोग लाए गए ये 13 परिवार अपने साथ उन शिकायतों का पुलिंदा लेकर आए हैं जिसमें उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और आयोग की इस प्रक्रिया के कारण कई लोगों को भारी मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा है और कुछ लोगों ने तो इसी तनाव के चलते अपनी जान तक गंवा दी है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह कोई राजनीतिक ड्रामा नहीं है बल्कि उन लोगों की लड़ाई है जिनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है. इन परिवारों ने मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाई कि कैसे रातों-रात उनके नाम सूची से गायब कर दिए गए.

यह भी पढ़ें: चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, वोटर लिस्ट रिवीजन को बताया NRC की साजिश

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बंग भवन के बाहर जमकर हुआ हंगामा

दिल्ली स्थित बंग भवन के बाहर उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब ममता बनर्जी की वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस हो गई. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बंग भवन में ठहरे हुए बंगाल के लोगों को धमकियां दी जा रही हैं और वहां भारी पुलिस बल तैनात करके उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने सुरक्षा घेरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह यहां किसी आंदोलन के लिए नहीं बल्कि आधिकारिक बैठक के लिए आई हैं. ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर कहा कि वे पुलिस वालों को नहीं बल्कि उनके ऊपर बैठे आकाओं को इस बदसलूकी के लिए जिम्मेदार मानती हैं.

न्याय के लिए आर-पार की जंग

ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में दोहराया कि उनका मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत में है और वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सामने इन परिवारों का पक्ष मजबूती से रखेंगी. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोगों की मौत हुई है और उनके अधिकार छीने गए हैं तो क्या उनके परिवार वालों को अपनी बात कहने का भी हक नहीं है. पश्चिम बंगाल सरकार के अतिथि गृह में बढ़ाई गई सुरक्षा के बीच ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वे दिल्ली से खाली हाथ वापस नहीं जाएंगी. अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इन 13 परिवारों की शिकायतों और मुख्यमंत्री के कड़े रुख पर क्या जवाब देता है.

First published on: Feb 02, 2026 05:55 PM

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