TMC Rally Speech Row: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है. कोलकाता में बिड़ला तारामंडल के पास आयोजित 'शहीद दिवस' रैली के दौरान पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि सेरामपुर से सांसद कल्याण बनर्जी कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रैली में वक्ताओं की लंबी सूची के कारण सभी नेताओं को छोटे भाषण देने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद कल्याण बनर्जी ने करीब साढ़े 22 मिनट तक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने विरोधी गुटों पर जमकर निशाना साधा. सूत्रों के मुताबिक, जब वे बोल रहे थे, तभी ममता बनर्जी और कुणाल घोष ने उन्हें भाषण समेटने का इशारा किया. भाषण खत्म होने पर देरी को लेकर ममता बनर्जी ने नाराजगी जताई, जिस पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई.

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'मैं ऐसे अपमान का हकदार नहीं'

नाराज कल्याण बनर्जी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी का मुख्य संबोधन सुने बिना ही मंच छोड़कर बाहर निकल गए. उन्होंने मीडिया से कहा, "मैंने अपने तय समय से ज्यादा नहीं बोला. जब अभिषेक बनर्जी और दीदी मंच पर आए, तब मैं रुका था. पार्टी के लिए लगातार मेहनत करने के बाद ऐसा व्यवहार दुखद है. मैं इस तरह के अपमान का हकदार नहीं हूं."

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कई बड़े नेताओं का भाषण रद्द

कल्याण बनर्जी के लंबे भाषण की वजह से आयोजकों को कई तय वक्ताओं के नाम सूची से हटाने पड़े. इनमें लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, राज्यसभा सांसद डोला सेन, सागरिका घोष और राजीव कुमार जैसे बड़े नाम शामिल थे, जिन्हें बोलने का मौका नहीं मिल सका. कल्याण बनर्जी इससे पहले भी पार्टी के भीतर कानूनी प्रतिनिधित्व को लेकर अभिषेक बनर्जी की सार्वजनिक रूप से आलोचना कर चुके हैं. हालांकि बाद में वह मामला शांत हो गया था.

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'जरूरत पड़ी तो खुद जाऊंगी धरने पर'

ममता बनर्जी ने सीजेपी (CJP) के दिल्ली में जारी प्रदर्शन का खुला समर्थन करते हुए एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सीजेपी के इस आंदोलन को तृणमूल कांग्रेस का शुरू से समर्थन रहा है और आगे भी रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जरूरत पड़ी तो वह खुद दिल्ली जाकर इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल होंगी.

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