पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान जारी हैं. इस बीच पहले चरण की वोटिंग में ही कई जगहों पर जमकर हिंसा हो रही है. हिंसा की कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं. एक तरफ जहां पोलिंग बूथों पर बड़ी संख्या में मतदाता पहुंच रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आगजनी, मारपीट और तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आ रही हैं.
बता दें कि मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में जमकर बवाल हो रहा है. मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने हुमायूं कबीर की कार पर लाठी और ईंटों से हमला किया.
मुर्शिदाबाद के नौदा में उस समय हड़कंप मच गया जब AJUP प्रमुख और रेजीनगर से उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर उपद्रवियों ने लाठियों और ईंटों से हमला किया. इस दौरान टीएमसी और एजेयूपी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प भी हुई. वहीं, कबीर और पुलिस के बीच भी जमकर बहस हुई. उन्होंने इस हमले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
कूचबिहार में केंद्रीय बलों ने लिया एक्शन
कूचबिहार में मतदान के दौरान तूफानगंज इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने मोर्चा संभाला. सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज की और भीड़ को तितर-बितर किया. वहीं, आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मतदाताओं को डराने का भी प्रयास किया, जिसके बाद जवानों को बल का प्रयोग करना पड़ा.
सिलीगुड़ी में भिड़े TMC और BJP कार्यकर्ता
सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर वोटिंग के बीच मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई.
घटना के समय इलाके से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे. वहीं, केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने तुरंत कार्रवाई की और भीड़ को काबू किया और मतदान की प्रक्रिया फिर से सुचारु रूप से शुरू कराई गई.
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में हुई हिंसा
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र से विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहां के भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हमला किया. मिली जानकारी के अनुसार, सुवेंदु सरकार को ये सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर 'बूथ जैमिंग' की जा रही है. जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे तो उन पर लाठियों और घूसों से हमला किया गया. सुवेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंड़ों ने उन्हें पीटा.
तृणमूल कैंप ऑफिस में जमकर हुई तोड़फोड़
मालदा जिले के हरिशचंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए. यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताजमुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ हुई.
'स्पेशल ट्रेनों से लाए गए वोटर'
आसनसोल उत्तर सीट से टीएमसी प्रत्याशी मलय घटक ने दावा किया कि वोटिंग से एक दिन पहले ही रात में पांच स्पेशल ट्रेनें राज्य में पहुंची हैं, जिनमें से चार गुजरात और एक मध्य प्रदेश से आई हैं. बिहार से भी बसों के जरिए बाहरी लोगों को लाया गया है. उनकी टीम ने इन बसों और संदिग्ध गतिविधियों के फोटो और अन्य सबूत जुटाए हैं. मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त से की गई है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान जारी हैं. इस बीच पहले चरण की वोटिंग में ही कई जगहों पर जमकर हिंसा हो रही है. हिंसा की कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं. एक तरफ जहां पोलिंग बूथों पर बड़ी संख्या में मतदाता पहुंच रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आगजनी, मारपीट और तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आ रही हैं.
बता दें कि मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में जमकर बवाल हो रहा है. मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने हुमायूं कबीर की कार पर लाठी और ईंटों से हमला किया.
मुर्शिदाबाद के नौदा में उस समय हड़कंप मच गया जब AJUP प्रमुख और रेजीनगर से उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर उपद्रवियों ने लाठियों और ईंटों से हमला किया. इस दौरान टीएमसी और एजेयूपी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प भी हुई. वहीं, कबीर और पुलिस के बीच भी जमकर बहस हुई. उन्होंने इस हमले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
कूचबिहार में केंद्रीय बलों ने लिया एक्शन
कूचबिहार में मतदान के दौरान तूफानगंज इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने मोर्चा संभाला. सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज की और भीड़ को तितर-बितर किया. वहीं, आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मतदाताओं को डराने का भी प्रयास किया, जिसके बाद जवानों को बल का प्रयोग करना पड़ा.
सिलीगुड़ी में भिड़े TMC और BJP कार्यकर्ता
सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर वोटिंग के बीच मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई.
घटना के समय इलाके से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे. वहीं, केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने तुरंत कार्रवाई की और भीड़ को काबू किया और मतदान की प्रक्रिया फिर से सुचारु रूप से शुरू कराई गई.
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में हुई हिंसा
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र से विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहां के भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हमला किया. मिली जानकारी के अनुसार, सुवेंदु सरकार को ये सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर ‘बूथ जैमिंग’ की जा रही है. जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे तो उन पर लाठियों और घूसों से हमला किया गया. सुवेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंड़ों ने उन्हें पीटा.
तृणमूल कैंप ऑफिस में जमकर हुई तोड़फोड़
मालदा जिले के हरिशचंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए. यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताजमुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ हुई.
‘स्पेशल ट्रेनों से लाए गए वोटर’
आसनसोल उत्तर सीट से टीएमसी प्रत्याशी मलय घटक ने दावा किया कि वोटिंग से एक दिन पहले ही रात में पांच स्पेशल ट्रेनें राज्य में पहुंची हैं, जिनमें से चार गुजरात और एक मध्य प्रदेश से आई हैं. बिहार से भी बसों के जरिए बाहरी लोगों को लाया गया है. उनकी टीम ने इन बसों और संदिग्ध गतिविधियों के फोटो और अन्य सबूत जुटाए हैं. मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त से की गई है.