पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमों ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर आयोजित हाई लेवल बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. ममता बनर्जी ने अपने बचे हुए विधायकों के साथ ऋतब्रत बनर्जी और बागी विधायकों के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में है. ममता बनर्जी ने टीएमसी की कई कमिटियों का पुनर्गठन किया है साथ ही नेता विपक्ष (LoP) के विवाद पर सीधे हाई कोर्ट जाने का फैसला लिया है.
TMC में की गईं कई नियुक्तियां
बैठक के बाद TMC की एमपी कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि स्पीकर द्वारा नियुक्त किया गया नेता विपक्ष 'कानूनी रूप से गैर-मान्य' है और पार्टी रविवार की रात या मंगलवार की सुबह कोलकाता हाई कोर्ट में रिट दाखिल करेगी. पार्टी ने बुनियादी संरचना में भी बड़े बदलाव किए. ममता बनर्जी टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी रहेंगी. सायोनी घोष को यूथ TMC का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो युवाओं के संगठन और चर्चा में नई ऊर्जा लाएंगे. साथ ही TMC की नई प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा को नियुक्त किया गया है. माला रॉय को लेडी विंग (महिला विंग) की कमान सौंपी गई है.
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नेता विपक्ष के खिलाफ हाई कोर्ट में अर्जी
कल्याण बनर्जी ने कहा,'हमने निश्चय किया है कि स्पीकर द्वारा LoP नियुक्त करने का तरीका असंवैधानिक है. हम मंगलवार को हाई कोर्ट में रिट पेटिशन दाखिल करेंगे. हम BJP के खिलाफ TMC कर्मियों को मारपीट करने, झूठे मामले दर्ज करने और दबाव बनाने के तरीके के खिलाफ भी कानूनी और सड़क दोनों मोर्चों पर मुकाबला करेंगे.' TMC अब राजनीतिक मुकाबला सिर्फ विधानसभा में नहीं, कोर्ट-कचहरी और सड़क पर भी तेज करेगी.
बैठक में BJP के खिलाफ 'कर्मियों पर हमले' और 'झूठे मुकदमे' के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. TMC का आरोप है कि भाजपा राज्य में कर्मियों को निशाना बना रही है और जबरदस्ती झूठे केस दर्ज कर रही है. यह फैसला पश्चिम बंगाल में विधानसभा में TMC के प्रभाव को नए सिरे से मजबूत करने और BJP के बढ़ते दबाव का मुकाबला करने के लिए लिया गया.
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमों ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर आयोजित हाई लेवल बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. ममता बनर्जी ने अपने बचे हुए विधायकों के साथ ऋतब्रत बनर्जी और बागी विधायकों के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में है. ममता बनर्जी ने टीएमसी की कई कमिटियों का पुनर्गठन किया है साथ ही नेता विपक्ष (LoP) के विवाद पर सीधे हाई कोर्ट जाने का फैसला लिया है.
TMC में की गईं कई नियुक्तियां
बैठक के बाद TMC की एमपी कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट किया कि स्पीकर द्वारा नियुक्त किया गया नेता विपक्ष ‘कानूनी रूप से गैर-मान्य’ है और पार्टी रविवार की रात या मंगलवार की सुबह कोलकाता हाई कोर्ट में रिट दाखिल करेगी. पार्टी ने बुनियादी संरचना में भी बड़े बदलाव किए. ममता बनर्जी टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी रहेंगी. सायोनी घोष को यूथ TMC का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो युवाओं के संगठन और चर्चा में नई ऊर्जा लाएंगे. साथ ही TMC की नई प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा को नियुक्त किया गया है. माला रॉय को लेडी विंग (महिला विंग) की कमान सौंपी गई है.
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नेता विपक्ष के खिलाफ हाई कोर्ट में अर्जी
कल्याण बनर्जी ने कहा,’हमने निश्चय किया है कि स्पीकर द्वारा LoP नियुक्त करने का तरीका असंवैधानिक है. हम मंगलवार को हाई कोर्ट में रिट पेटिशन दाखिल करेंगे. हम BJP के खिलाफ TMC कर्मियों को मारपीट करने, झूठे मामले दर्ज करने और दबाव बनाने के तरीके के खिलाफ भी कानूनी और सड़क दोनों मोर्चों पर मुकाबला करेंगे.’ TMC अब राजनीतिक मुकाबला सिर्फ विधानसभा में नहीं, कोर्ट-कचहरी और सड़क पर भी तेज करेगी.
बैठक में BJP के खिलाफ ‘कर्मियों पर हमले’ और ‘झूठे मुकदमे’ के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. TMC का आरोप है कि भाजपा राज्य में कर्मियों को निशाना बना रही है और जबरदस्ती झूठे केस दर्ज कर रही है. यह फैसला पश्चिम बंगाल में विधानसभा में TMC के प्रभाव को नए सिरे से मजबूत करने और BJP के बढ़ते दबाव का मुकाबला करने के लिए लिया गया.
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