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यूपी 2027 का महासंग्राम: इंडिया गठबंधन राम के द्वार, क्या हनुमान जी लगाएंगे बेड़ा पार?

Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव अब हिंदुत्व के एजेंडे पर ही लड़े जाने वाले हैं. एक तरफ योगी सरकार अपनी मजबूत हिंदुत्व वाली छवि के साथ आगे बढ़ रही है. वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन भी उसी एजेंडे पर BJP को घेरने की कोशिश में जुट गया है. पढ़ें लखनऊ से मानस श्रीवास्तव की विशेष रिपोर्ट

Author Edited By : Vijay Jain
Updated: Jan 14, 2026 16:50
UP politics

Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व की पिच पर अब एक नही दो टीम आमने सामने है. एक तरफ एनडीए है तो दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन, कोशिश हो रही है कि BJP की घेराबंदी उसी के एजेंडे पर की जाए. 2027 के सियासी रण में अब हिंदुत्व ही एजेडे के तौर पर उभर रहा है. ताजा घटना ने सियासत को गरमा दिया जब यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ हनुमान चालीसा लेकर हनुमान मंदिर पहुंचे. पुलिस ने मंदिर दर्शन और पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन रोक दिया तो कांग्रेस ने BJP पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाते हुए वहीं चालीसा पाठ शुरू कर दिया. यह पूरा मामला पीएम मोदी द्वारा अहमदाबाद इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में हनुमान जी वाली पतंग उड़ाने से जुड़ा है, जिसे कांग्रेस ने धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया था.

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अब समझते है कि ऐसा क्यो हो रहा है

अचानक यूपी की सियासी हवाओ मे हिंदुत्व की राग कैसे गूंजने लगा है? सीएम योगी आदित्यनाथ औऱ उनकी पूरी टीम हिंदुत्व के सवाल पर सपा औऱ कांग्रेस को घेर रही है. मुद्दा चाहे बांग्लादेश में हिंदुओ की हत्याओं पर विपक्ष की खामोशी का हो या फिर अब तक अयोध्या मे रामलला के दर्शन का हो. सीएम योगी कहते है कि मोदी के अलावा आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने अयोध्या का रुख क्यो नही किया?

कांग्रेस और सपा की रणनीति को समझें

कांग्रेस नेता कह रहे हैं राहुल गांधी जल्द ही अयोध्या रामलला के दर्शन करने जाएंगे. BJP ने तो आधे अधूरे मंदिर में ही प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन कर दिया लेकिन अब मंदिर पूरा हो गया है तो राहुल गांधी खुद अयोध्या दर्शन करने जाएंगे. इधर अखिलेश यादव वाली समाजवादी पार्टी पहले ही भगवान श्री राम को समाजवादी औऱ उनकी सेना के पीडीए बात कर BJP के हिंदुत्व को चोट पहुचा रही है. उसकी कोशिश है कि पीडीए के सहारे वो दलित पिछडों और अगड़ी जातियों को इंडिया गठबधन के साथ लामबंद करे, इसीलिये कभी वो भगवान राम की सेना को दलित और आदिवासी बता रही है तो कभी ब्राह्मणों के अपमान का मुद्दा उठाती है, जिससे हिंदू मतों मे सेंधमारी के साथ हिंदुत्व के BJP के एजेंडे को कमजोर किया जा सके.

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अपने एजेंडे पर धीरे धीरे आगे बढ रही सपा

समाजवादी पार्टी सधे हुये कदमों में अपने एजेंडे पर धीरे धीरे आगे बढ़ रही है. कहीं पीडीए पंचायत तो कही पीडीए प्रहरी तो कही पीडीए का पंचाग किसी न किसी बहाने वो हिदू मतों के ध्रुवीकरण को रोकने की कोशिश करती नजर आती है, लेकिन सपा और कांग्रेस की ये कोशिश इतनी आसानी से कामयाब हो जाये ये भी संभव नही है. BJP औऱ उससे जुडे हिंदू वादी संगठन लगातार हिंदुओं के उत्पीड़न पर विपक्ष की खामोशी पर सवाल उठाते है. बांग्लादेश मे हिंदुओं की हत्याओं पर खामोशी BJP के लिये एक बड़ा सियासी हथियार है जिसको लेकर सीएम योगी से लेकर हिंदू वादी संगठन तक विपक्ष पर हमलावर है.

2027 का समीकरण

BJP चाहती है कि यूपी में 80 बनाम 20 का ध्रुवीकरण हो, जहां बहुसंख्यक उसके साथ आएं, अगर ऐसा होता है तो यूपी मे BJP की हैट्रिक लगने से कोई नही रोक सकता है लेकिन 2024 में PDA फॉर्मूले ने हिंदुत्व की राह रोकी थी. अब इंडिया गठबंधन हनुमान चालीसा, अयोध्या दर्शन और PDA के सहारे के एजेंडे को कमजोर करने मे कोई कसर नही छोडे़गा. क्या 2027 में यूपी की सियासत हनुमान जी के बेड़ा पार कराएगी या राम के द्वार पर फैसला होगा? समय बताएगा!

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First published on: Jan 14, 2026 04:50 PM

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