लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक पास हो चुका है और आज इसे राज्यसभा में पेश किया गया है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर देशवासियों के नाम एक पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा जब भी कोई नया बिल लाती है, तो दरअसल वह अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश करती है। भाजपा नोटबंदी, जीएसटी, मंदी, महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी, भुखमरी, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी समस्याओं को सुलझाने में नाकाम रही है। इसलिए ध्यान भटकाने के लिए वक्फ बिल लाया गया है।”
अखिलेश यादव ने किया चीन का जिक्र
अखिलेश यादव ने आगे कहा, वक्फ की जमीन से बड़ा मुद्दा वह जमीन है, जिस पर चीन ने अपने गांव बसा दिए हैं। लेकिन कोई बाहरी खतरे पर सवाल न उठाए और न ही इस पर बवाल हो, इसलिए यह बिल लाया गया है।”
प्रिय देशवासियों
भाजपा जब भी कोई नया बिल लाती है तो दरअसल वो अपनी नाकामी छुपाती है। भाजपा नोटबंदी, जीएसटी, मंदी, महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी, भुखमरी, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी समस्याएं सुलझा नहीं पा रही है, इसीलिए ध्यान भटकाने के लिए वक़्फ़ बिल लायी है।
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 3, 2025
अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधनविधेयक पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि सरकार को गारंटी देनी चाहिए कि वक्फ की जमीन कभी भी किसी भी तरह की पैंतरेबाजी से किसी और मकसद के लिए किसी और को नहीं दी जाएगी। वक्फ की वर्तमान व्यवस्था में, चाहे 5 साल के धर्म पालन की पाबंदी की बात हो, कलेक्टर द्वारा सर्वेक्षण में हस्तक्षेप का मुद्दा हो, या वक्फ परिषद एवं बोर्ड में बाहरी लोगों को शामिल करने का प्रस्ताव हो, इन सभी का उद्देश्य एक विशेष वर्ग के सांविधानिक अधिकारों को छीनना और उनके महत्व एवं नियंत्रण को कम करना है। ट्रिब्यूनल के निर्णय को अंतिम न मानकर उच्च न्यायालय में चुनौती देने की अनुमति देना दरअसल जमीनी विवादों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया में फंसाने और वक्फ भूमि पर अवैध कब्जों को बनाए रखने का रास्ता खोलने जैसा है।
सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए लिखा कि क्या सरकार दूसरे धर्मों की धार्मिक और चैरिटेबल जमीनों एवं ट्रस्टों में बाहरी लोगों को शामिल कर इसी तरह की व्यवस्था लागू करेगी? सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि वक्फ बिल की न तो नीति सही है और न ही नीयत। यह देश के करोड़ों लोगों से उनके घर और दुकान छीनने की साजिश है।