राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT को मिला बड़ा सुराग. ट्रस्ट की तिमाही बैठकों में सोना चांदी हीरा मोती और अन्य जवाहरात का ब्यौरा नहीं दिया जाता था. ट्रस्ट के बाकी सदस्य पूछने का हौसला भी नहीं जुटा पाते थे. सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठकों में मंदिर की आय और नकद दान का ब्योरा तो रखा जाता था, लेकिन सोने-चांदी और बहुमूल्य दान सामग्री का विस्तृत रिकॉर्ड नियमित एजेंडे में शामिल नहीं था.
सोने-चांदी के चढ़ावे पर खड़ा हुआ सवाल
SIT अब यह जांच रही है कि वर्षों में मिले सोने-चांदी, जेवरात और अन्य कीमती चढ़ावे का हिसाब किस स्तर पर रखा गया, उसका मूल्यांकन कैसे हुआ और स्टॉक की निगरानी किसके जिम्मे थी? जांच में कई बहुमूल्य वस्तुओं के संग्रह, भंडारण और अंतिम स्थिति से जुड़े रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं हो पाए हैं. दानपात्र से नकद का हिसाब मिला, लेकिन सोने-चांदी के चढ़ावे पर सवाल गहराए.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा केस में SIT को मिला बड़ा सुराग, ट्रस्ट के पास सोने-चांदी का सही रिकॉर्ड नहीं; गहराया सस्पेंस
SIT का बड़ा एक्शन
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और संदिग्ध कर्मियों के जिले से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है. छह दिन की जांच के बाद SIT ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है. दानपात्रों की धनराशि के उपयोग, अनावश्यक खर्चों और भूमि खरीद से जुड़े मामलों की जांच की गई है. 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ हुई है. ट्रस्ट पदाधिकारियों और संदिग्ध कर्मियों के जिले से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है. 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ हुई है.
यह भी पढ़ें: गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेंगे हापुड़ और मेरठ! दो नए इंटरचेंज को मिली मंजूरी
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT को मिला बड़ा सुराग. ट्रस्ट की तिमाही बैठकों में सोना चांदी हीरा मोती और अन्य जवाहरात का ब्यौरा नहीं दिया जाता था. ट्रस्ट के बाकी सदस्य पूछने का हौसला भी नहीं जुटा पाते थे. सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठकों में मंदिर की आय और नकद दान का ब्योरा तो रखा जाता था, लेकिन सोने-चांदी और बहुमूल्य दान सामग्री का विस्तृत रिकॉर्ड नियमित एजेंडे में शामिल नहीं था.
सोने-चांदी के चढ़ावे पर खड़ा हुआ सवाल
SIT अब यह जांच रही है कि वर्षों में मिले सोने-चांदी, जेवरात और अन्य कीमती चढ़ावे का हिसाब किस स्तर पर रखा गया, उसका मूल्यांकन कैसे हुआ और स्टॉक की निगरानी किसके जिम्मे थी? जांच में कई बहुमूल्य वस्तुओं के संग्रह, भंडारण और अंतिम स्थिति से जुड़े रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं हो पाए हैं. दानपात्र से नकद का हिसाब मिला, लेकिन सोने-चांदी के चढ़ावे पर सवाल गहराए.
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SIT का बड़ा एक्शन
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और संदिग्ध कर्मियों के जिले से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है. छह दिन की जांच के बाद SIT ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है. दानपात्रों की धनराशि के उपयोग, अनावश्यक खर्चों और भूमि खरीद से जुड़े मामलों की जांच की गई है. 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ हुई है. ट्रस्ट पदाधिकारियों और संदिग्ध कर्मियों के जिले से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है. 2021 तक के पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए और बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ हुई है.
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