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चंपत राय से टिन्नू यादव तक, किसे क्या जिम्मेदारी? चढ़ावा चोरी केस में SIT जांच में बड़े खुलासे

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में SIT की जांच तेज हो गई है. चंपत राय, टिन्नू यादव, गोपाल राय और अनिल मिश्रा की जिम्मेदारियों का बड़ा ब्यौरा सामने आया है. दान में मिली 60 किलो चांदी की शिलाएं और जौनपुर के परिवार का कीमती हार रिकॉर्ड से गायब है, जिसके बाद अब लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर बड़े एक्शन की तैयारी है.

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Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और घोटाले के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट और मंदिर संचालन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों का पूरा ब्यौरा खंगाल लिया है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किस अधिकारी के पास क्या काम था और चूक कहां पर हुई.

सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े हर बड़े और महत्वपूर्ण मामले की सीधी रिपोर्ट चंपत राय तक पहुंचती थी. वहीं, श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था संभालने और दान-चढ़ावे की देखरेख का मुख्य जिम्मा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास था. इसके अलावा, मंदिर परिसर की साफ-सफाई और दूसरी अंदरूनी व्यवस्थाओं को देखने की जवाबदेही गोपाल राय और अनिल मिश्रा के कंधों पर थी. एसआईटी अब इस कार्य विभाजन के आधार पर कड़ियों को जोड़ रही है और दस्तावेजों से मिलान कर रही है.

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60 किलो चांदी की शिलाएं और कीमती हार गायब

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि प्राण प्रतिष्ठा के समय देश भर के ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा मंदिर की नींव में रखने के लिए दी गई 60 किलो चांदी की शिलाओं का कोई ठोस रिकॉर्ड जांच टीम को नहीं मिला है. ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी का दावा है कि उनके पास यह चांदी ट्रस्ट को सौंपने की रसीद मौजूद है. सिर्फ चांदी ही नहीं, जौनपुर के एक विश्वकर्मा परिवार की ओर से रामलला को भेंट किया गया कीमती हार भी सरकारी रिकॉर्ड से लापता है. देनदारों ने साफ कहा है कि वे जांच में एसआईटी को पूरा सहयोग देंगे.

लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिरना तय

एसआईटी सूत्रों के अनुसार, दान में मिली नकदी और सामान की गिनती की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने की जिम्मेदारी जिन लोगों की थी, वे अपनी ड्यूटी में पूरी तरह फेल रहे. अब टिन्नू यादव सहित नकदी के प्रबंधन और हेरफेर में शामिल कर्मचारियों पर कड़े एक्शन की तैयारी की जा रही है. जांच के घेरे में कुछ बैंक कर्मचारी भी आए हैं. मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए तैनात करीब 800 कर्मचारियों की सूची भी मांगी गई है, जिनमें से 200 की नियुक्ति खुद ट्रस्ट ने की थी. आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां या विभागीय कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं.

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First published on: Jun 21, 2026 08:28 AM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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