उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक दंपती को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अरेस्ट किया था। ये दंपती किराए की कोठी में स्टूडियो बनाकर लड़कियों के अश्लील वीडियो शूट करता था। इसके बाद ये वीडियो विदेशी वेबसाइटों को बेचे जाते थे। सूत्रों के मुताबिक वीडियो बनाकर ये दंपती लगभग 22 करोड़ रुपये की कमाई कर चुका है। अब तक की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। 5 साल से यह धंधा नोएडा में चल रहा था, अब तक सैकड़ों लड़कियों को पति-पत्नी शिकार बना चुके हैं।
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ईडी ने नोएडा के सेक्टर-105 के सी ब्लॉक में रेड की थी। अश्लील कंटेंट को साइप्रस समेत कई देशों में भेजा जाता था। इसके बाद वहां वेबसाइट पर अपलोड किया जाता था। इसके बदले दंपती को मोटी रकम मिलती थी। दंपती ने सुबदीगी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बना रखी थी। फिलहाल ईडी कंपनी के डायरेक्टर उज्जवल किशोर और उसकी पत्नी नीलू श्रीवास्तव से पूछताछ कर रही है। दोनों को नोएडा से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया जा चुका है।
5 साल पहले बनाई कंपनी
सूत्रों के मुताबिक यह कंपनी 5 साल पहले बनाई गई थी। पति-पत्नी के अलावा उनके दोस्त मॉडलों से संपर्क करते थे। कंपनी का फेसबुक पर भी एक पेज सामने आया है। इसके अलावा ये लोग इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी एक्टिव रहते थे। इन लोगों ने ज्यादातर दिल्ली-एनसीआर की मॉडल्स के वीडियो शूट किए हैं। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर ये लोग ऑडिशन की जानकारी शेयर करते थे।
क्या हो गया लोगों को पैसा कमाने के लिए कुछ भी करने पर आमादा हैं
नोएडा में उज्ज्वल किशोर और पत्नी नीलू श्रीवास्तव अपने फ्लैट में मॉडल्स लड़कियों से पोर्न Video शूट करवा रहे थे। ED ने छापा मार दिया। पता चला कि वो आइसलैंड कंट्री साइप्रस की एक कंपनी के लिए काम करते थे। 75% पैसा कपल्स… pic.twitter.com/YwTzR1Pqb1— Jitendra Verma (@jeetusp) March 30, 2025
रूस में करवाता था देह व्यापार
सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में पता लगा है कि ये लोग 5 साल में 400 से अधिक लड़कियों के अश्लील वीडियो शूट कर चुके हैं। विज्ञापन देकर मॉडल्स इनसे संपर्क करती थी, जिसके बाद उनको रैकेट में शामिल किया जाता था। क्रिप्टो के जरिए आरोपी दंपती के खाते में पैसे आते थे। बाद में पैसा मॉडल्स को ट्रांसफर किया जाता है। बताया जाता है कि वीडियो के लिए जितना पैसा दंपती को मिलता था, उसका 25 फीसदी मॉडलों को भुगतान किया जाता था। वीडियो शूट के लिए फुल फेस शो, हाफ फेस शो जैसी 5 कैटेगरी बनाई गई थीं। काम के हिसाब से ही मॉडल से रकम तय होती थी। बताया जा रहा है कि रैकेट का सरगना पहले रूस में देह व्यापार के एक सिंडिकेट का हिस्सा रह चुका है।
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