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Layoffs Impact: ‘बीमा कंपनी से छंटनी के बाद…’, नोएडा के बुजुर्ग का छलका दर्द, नाइंसाफी की कहानी पढ़ जानें क्या बोले यूजर्स?

Layoffs Impact: नोएडा के एक शख्स की छंटनी के बाद की हालत और उनके साथ हुई नाइंसाफी की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। बीमा कंपनी से छंटनी के बाद शख्स बतौर पोर्टर काम कर रहा है, जिनकी कहानी पर सोशल मीडिया यूजर्स प्रतिक्रियाएं भी व्यक्त कर रहे हैं।

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14 साल जिस कंपनी को मेहनत करके सींचा, उसी कंपनी ने दूध से मक्खी की तरह निकाल बाहर फेंकने में देर नहीं लगाई। साल 2023 में बीमा कंपनी ने छंटनी की और नोएडा निवासी 56 वर्षीय बुजुर्ग समेत कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। निकाले गए लोगों में से कुछ को तो दूसरी नौकरी मिल गई, लेकिन इन्हें नहीं मिली। उम्र और हेल्थ प्रॉब्लम के कारण दूसरा काम भी नहीं मिल रहा था। हारकार उन्हें कुली का काम करना पड़ा, क्योंकि परिवार चलाना है और पेट भरना है।

NGO के अधिकारी के सामने छलका दर्द

बतौर पोर्टर काम करते हुए शख्स की मुलाकात गैर-लाभकारी संस्था ‘चेंज विद वन मील’ के चीफ सर्विस ऑफिस मनोज वर्मा से हुई, जिन्होंने बेहद जरूरी लेटर डिलीवर कराने के लिए उनका पोर्टर बुक किया था। इसी दौरान मनोज की बुजुर्ग से बातचीत हुई तो उनकी कहानी का खुलासा हुआ। बात करते-करते बुजुर्ग का दर्द छलक पड़ा और वे भावुक हो गए। मनोज ने उनकी कहानी लिंक्डइन पर पोस्ट की तो यूजर्स ने भी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

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सीढ़ियां चढ़कर हांफते हुए ऊपर पहुंचे

मनोज वर्मा की लिंक्डइन पोस्ट के अनुसार, ऑर्डर प्लेस किया तो एक बुजुर्ग डिलीवरी के लिए पैकेट लेने आए। बिल्डिंग में पहले फ्लोर पर रहता हूं और पूरे कपड़े भी नहीं पहने थे, इसलिए डिलीवरी ब्वॉय को ऊपर ही बुला लिया। लेकिन जब वह ऊपर आया तो देखा कि बुजुर्ग हैं और हांफ रहे हैं, क्योंकि उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हुई। पानी ऑफर किया तो लिया नहीं और उन्हें डिलीवरी पैकेट दे दिया। उन्होंने शुक्रिया कहा और बोला कि आज का नहीं था, लेकिन इंतजार में था, आपने दे दिया।

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टाटा इंश्योरेंस कंपनी से हुई थी छंटनी

मनोज वर्मा ने बुजुर्ग का प्रोफेशनल लुक देखकर उन्हें डिलीवर देकर वापस आने को कहा और बातचीत करने का निमंत्रण भी दिया। बातचीत के दौरान बुजुर्ग ने भी अपना नाम मनोज बताया। उसने बताया कि वे टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस के प्रशासनिक विभाग में काम करते थे। 14 साल की नौकरी के बाद साल 2023 में छंटनी के तहत उनको नौकरी से निकाल दिया गया। ठीक वैसे ही जैसे जब सब्जी बनाते हैं तो करी पत्ता सबसे पहले डालते हैं, पर जब सब्जी खाते हैं तो सबसे पहले करी निकालते हैं।

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मनोज की कहानी वीडियो के साथ लिंक्डइन पर पोस्ट की तो वायरल हो गई। इस कहानी ने छंटनी, भर्ती में उम्र संबंधी बाधाओं और पारंपरिक रोजगार खोने के बाद गिग वर्क करने वाले प्रोफेशनल्स की बढ़ती संख्या पर चर्चाओं को जन्म दिया। लिंक्डइन पर पोस्ट पर यूजर ने कमेंट किया कि जीवन कठिन है, लोगों को ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें हम देख नहीं सकते और कभी-कभी समझ भी नहीं पाते। दया, सहानुभूति और बातचीत ही किसी व्यक्ति के लिए दिन गुजारने के लिए काफी होती है। एक यूजर ने लिखा कि वर्षों के योगदान के बावजूद कर्मचारियों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जीवन सबके लिए कठिन है, केवल परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं।

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First published on: Jul 09, 2026 02:13 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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