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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

वृंदावन में ई-रिक्शा पर सवार होकर गलियों में घूमे नीतीश कुमार के बेटे निशांत, आम भक्त की तरह किए दर्शन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार वृंदावन में बेहद सादे अंदाज में नजर आए. वे बिना किसी सुरक्षा के ई-रिक्शा से मंदिरों के दर्शन करने पहुंचे, जिसकी खूब चर्चा हो रही है. पढ़िये वृंदावन से सौरव कुमार की रिपोर्ट.

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Edited By : Raja Alam Updated: Feb 4, 2026 15:56

धार्मिक नगरी वृंदावन में बुधवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सबको हैरान कर दिया. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार अपने परिवार के साथ भगवान के दर्शन करने पहुंचे. आमतौर पर बड़े राजनेताओं के परिवार भारी सुरक्षा और वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ चलते हैं पर निशांत कुमार बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए. वे बिना किसी सुरक्षा घेरे और तामझाम के वृंदावन की तंग गलियों में ई-रिक्शा पर बैठकर घूमते दिखे. उनका यह सादा और जमीन से जुड़ा व्यक्तित्व स्थानीय लोगों और वहां आए श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है.

आध्यात्मिक रंग में रंगे नजर आए निशांत

निशांत कुमार ने वृंदावन के विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए और भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया. सामने आए वीडियो और तस्वीरों में वे एक आम पर्यटक की तरह गलियों में पैदल चलते और जल निकायों के पास समय बिताते हुए दिखाई दिए. उनके चेहरे पर वही सुकून और सादगी थी जो एक सच्चे आध्यात्मिक व्यक्ति की पहचान होती है. किसी बड़े वीआईपी प्रोटोकॉल की कमी ने उन्हें आम लोगों के और भी करीब ला दिया. स्थानीय लोगों के लिए यह दृश्य बहुत चौंकाने वाला था क्योंकि उन्होंने पहली बार किसी ताकतवर मुख्यमंत्री के बेटे को इतने साधारण तरीके से अपने बीच देखा.

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लाइमलाइट से दूर रहने वाला व्यक्तित्व

20 जुलाई 1975 को जन्मे निशांत कुमार की उम्र अब करीब 50 वर्ष हो गई है. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा पटना और मसूरी से पूरी की और उसके बाद रांची के बीआईटी मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. निशांत अपनी मां मंजू सिन्हा के बेहद करीब रहे हैं जिनका साल 2007 में निधन हो गया था. वे पेशे से एक इंजीनियर हैं लेकिन उनका मन हमेशा से अध्यात्म और शांतिपूर्ण जीवन में रहा है. उन्होंने हमेशा खुद को कैमरों की चमक और राजनीतिक चकाचौंध से दूर रखा है जिससे पता चलता है कि वे एक निजी और साधारण जीवन जीना पसंद करते हैं.

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राजनीति से दूरी पर फिर भी चर्चा में

बिहार की राजनीति में समय-समय पर निशांत कुमार के भविष्य को लेकर अटकलें लगती रही हैं पर उन्होंने हमेशा स्पष्ट किया है कि उनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है. हालांकि हाल के कुछ वर्षों में उनकी सार्वजनिक मौजूदगी बढ़ी है जिससे चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं. वृंदावन की उनकी यह यात्रा समाज को एक बड़ा संदेश देती है कि इंसान का पद चाहे जो भी हो उसकी सादगी ही उसकी असली पहचान होती है. निशांत कुमार का यह आध्यात्मिक झुकाव और ई-रिक्शा पर सफर करना यह साबित करता है कि वे आज के दौर में भी भारतीय संस्कारों और सादगी को सबसे ऊपर रखते हैं.

First published on: Feb 04, 2026 03:56 PM

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