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Joshimath Sinking: जोशीमठ में खराब होने वाला है मौसम, विशेषज्ञों ने कहा- सरकार के पास सिर्फ एक ही विकल्प

Joshimath Sinking: उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Johsimath Sinking) में जमीन के धंसने के साथ अब मौसम भी बेरहम होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 से 27 जनवरी के बीच आपदा प्रभावित चमोली जिले समेत उत्तराखंड में भारी हिमपात और वर्षा की चेतावनी जारी की है। इस कारण स्थानीय लोगों समेत प्रशासन की […]

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Joshimath Sinking: उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Johsimath Sinking) में जमीन के धंसने के साथ अब मौसम भी बेरहम होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 से 27 जनवरी के बीच आपदा प्रभावित चमोली जिले समेत उत्तराखंड में भारी हिमपात और वर्षा की चेतावनी जारी की है। इस कारण स्थानीय लोगों समेत प्रशासन की भी नींद उड़ गई है।

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4-6 फीट तक पड़ सकती है बर्फ

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के अनुसार औली (जोशीमठ से 12 किमी आगे स्थित) में भारी बर्फबारी (4-6 फीट) होने की आशंका है। जबकि जोशीमठ में भविष्यवाणी के पांच दिनों के दौरान 150 मिमी तक वर्षा हो सकती है। उत्तराखंड के अधिकारी बिक्रम सिंह ने बताया कि एक 23 से 27 जनवरी के बीच उत्तराखंड का मौसम प्रभावित होने वाला है।

निचले इलाकों में होगी बारिश

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जानकारी दी गई है कि ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी हो सकती है। जबकि तलहटी सहित निचले इलाकों में बारिश होगी। । औली में 24 जनवरी से लगातार बर्फबारी की आशंका जताई गई है। स्की रिसॉर्ट शहर में 4-6 फुट हिमपात देखने को मिल सकता है।

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जोशीमठ के लिए बारिश खतरे का संकेत

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ भूविज्ञानी एसपी सती ने कहा कि भारी बारिश जोशीमठ में घटाव की रफ्तार को बढ़ा सकता है। भौगोलिक रूप से एक सतह पर लगातार पानी डालना खतरनाक होता है। जबकि जोशीमठ में हालात पहले से ही खराब हैं।

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जल्द से जल्द लोगों को निकाले सरकार

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार के पास अब एकमात्र विकल्प यही है कि लोगों को कैसे भी यहां से निकाला जाए। उन्हें सुरक्षित क्षेत्रों पर शिफ्ट किया जाए। दरअसल विशेषज्ञों ने जोशीमठ में सतह पर बहने वाले पानी और भू-धंसाव की समस्या के बीच सीधा संबंध देखा है।

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First published on: Jan 18, 2023 02:01 PM
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