Noida International Airport: गाजियाबाद-नोएडा एयरपोर्ट यात्रियों के लिए खुशखबरी! 130 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, NHAI को सौंपा गया जिम्मा
Noida Airport Ghaziabad Road: नोएडा एयरपोर्ट को 130 मीटर चौड़ी सड़क के जरिए सीधे गाजियाबाद और एनएच-24 से जोड़ा जाएगा. यीडा की इस पहल से 20 सेक्टरों और गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचना अब बेहद आसान होगा.
Noida Airport Ghaziabad Road: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए एक और शानदार सड़क बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क अब जेवर एयरपोर्ट को सीधे नेशनल हाईवे 24 के जरिए गाजियाबाद से जोड़ेगी. यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पत्र लिखकर इसे बनाने का आग्रह किया है. वर्तमान में यह सड़क ग्रेटर नोएडा के सिरसा से लेकर चार मूर्ति चौक तक बनी है, जो आगे एनएच-24 के जरिए गाजियाबाद के प्रताप विहार तक जाती है. इस विस्तार के बाद गाजियाबाद के लोगों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए संकरी सड़कों या भारी ट्रैफिक से नहीं जूझना पड़ेगा और वे सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए सफर कर सकेंगे.
यमुना सिटी के 20 सेक्टरों को मिलेगा फायदा
यीडा के सीईओ आरके सिंह के अनुसार यह 130 मीटर चौड़ी सड़क यमुना सिटी की लाइफलाइन साबित होगी. यह सड़क शहर के सेक्टर-1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 18 समेत करीब 20 सेक्टरों को आपस में जोड़ते हुए नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचेगी. यीडा क्षेत्र में इस सड़क की लंबाई लगभग 29 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण के लिए करीब 812 एकड़ जमीन खरीदी जानी है. यह मार्ग एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे से जाकर मिलेगा जिससे पूरे क्षेत्र का ढांचा बदल जाएगा. इसके बनने से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि इन सेक्टरों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए दिल्ली और गाजियाबाद की दूरी भी काफी कम हो जाएगी.
गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे का शानदार संगम
यह सड़क केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसका विस्तार गंगा एक्सप्रेसवे तक भी किया जाएगा. यीडा के सेक्टर-11 और सेक्टर-21 होते हुए यह मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे से मिलने वाले 74 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इस कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आगरा, मथुरा और अलीगढ़ से आने वाले लोगों को अब परी चौक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे सीधे इस लिंक रोड के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे. इस तरह यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बसे सेक्टरों का आपस में मजबूत जुड़ाव हो जाएगा. यह प्रोजेक्ट एनसीआर के परिवहन नेटवर्क को एक नई दिशा देगा और यात्रा के समय में भारी बचत करेगा.
कार्गो सेवाओं के लिए बड़ी साझेदारी और लॉजिस्टिक्स हब
कनेक्टिविटी के साथ-साथ नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो विमानों के संचालन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है. जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत का बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) ने एयर इंडिया सेट्स और अफकॉम होल्डिंग्स के साथ एक बड़ा समझौता किया है. इस साझेदारी के तहत अफकॉम होल्डिंग्स अपने मालवाहक विमानों का संचालन नोएडा एयरपोर्ट से करेगी. तीनों कंपनियां मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसरों की तलाश करेंगी और माल ढुलाई की मांग के अनुसार नेटवर्क तैयार करेंगी. इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे. नोएडा एयरपोर्ट अब केवल यात्रियों के लिए नहीं बल्कि ग्लोबल कार्गो हब के रूप में भी अपनी पहचान बनाने को तैयार है.
Noida Airport Ghaziabad Road: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए एक और शानदार सड़क बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क अब जेवर एयरपोर्ट को सीधे नेशनल हाईवे 24 के जरिए गाजियाबाद से जोड़ेगी. यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पत्र लिखकर इसे बनाने का आग्रह किया है. वर्तमान में यह सड़क ग्रेटर नोएडा के सिरसा से लेकर चार मूर्ति चौक तक बनी है, जो आगे एनएच-24 के जरिए गाजियाबाद के प्रताप विहार तक जाती है. इस विस्तार के बाद गाजियाबाद के लोगों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए संकरी सड़कों या भारी ट्रैफिक से नहीं जूझना पड़ेगा और वे सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए सफर कर सकेंगे.
यमुना सिटी के 20 सेक्टरों को मिलेगा फायदा
यीडा के सीईओ आरके सिंह के अनुसार यह 130 मीटर चौड़ी सड़क यमुना सिटी की लाइफलाइन साबित होगी. यह सड़क शहर के सेक्टर-1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 18 समेत करीब 20 सेक्टरों को आपस में जोड़ते हुए नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचेगी. यीडा क्षेत्र में इस सड़क की लंबाई लगभग 29 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण के लिए करीब 812 एकड़ जमीन खरीदी जानी है. यह मार्ग एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे से जाकर मिलेगा जिससे पूरे क्षेत्र का ढांचा बदल जाएगा. इसके बनने से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि इन सेक्टरों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए दिल्ली और गाजियाबाद की दूरी भी काफी कम हो जाएगी.
गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे का शानदार संगम
यह सड़क केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसका विस्तार गंगा एक्सप्रेसवे तक भी किया जाएगा. यीडा के सेक्टर-11 और सेक्टर-21 होते हुए यह मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे से मिलने वाले 74 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इस कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आगरा, मथुरा और अलीगढ़ से आने वाले लोगों को अब परी चौक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे सीधे इस लिंक रोड के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे. इस तरह यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बसे सेक्टरों का आपस में मजबूत जुड़ाव हो जाएगा. यह प्रोजेक्ट एनसीआर के परिवहन नेटवर्क को एक नई दिशा देगा और यात्रा के समय में भारी बचत करेगा.
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कार्गो सेवाओं के लिए बड़ी साझेदारी और लॉजिस्टिक्स हब
कनेक्टिविटी के साथ-साथ नोएडा एयरपोर्ट से कार्गो विमानों के संचालन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है. जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत का बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) ने एयर इंडिया सेट्स और अफकॉम होल्डिंग्स के साथ एक बड़ा समझौता किया है. इस साझेदारी के तहत अफकॉम होल्डिंग्स अपने मालवाहक विमानों का संचालन नोएडा एयरपोर्ट से करेगी. तीनों कंपनियां मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसरों की तलाश करेंगी और माल ढुलाई की मांग के अनुसार नेटवर्क तैयार करेंगी. इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे. नोएडा एयरपोर्ट अब केवल यात्रियों के लिए नहीं बल्कि ग्लोबल कार्गो हब के रूप में भी अपनी पहचान बनाने को तैयार है.
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