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‘प्रमोशन के लिए हो रहे एनकाउंटर’, मुठभेड़ मामलों में UP पुलिस पर भड़का हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हॉफ एनकाउंटर मामलों में यूपी पुलिस को खूब सुनाया है। कोर्ट ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि सजा देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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यूपी पुलिस की कार्रवाई पर हाई कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। यूपी पुलिस की हॉफ एनकाउंटर की कार्रवाई पर कोर्ट ने सवाल उठाया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक राज्य है जो कानून के शासन द्वारा शासित है इसलिए कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के कार्य स्पष्ट व सुस्पष्ट हैं पुलिस द्वारा न्यायिक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है।

दरअसल, यूपी में पिछले कुछ सालों में एनकाउंटर की संख्या काफी बढ़ी है। एनकाउंटर के एक मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसा आचरण पूरी तरह अस्वीकार्य है क्योंकि दंड देने का अधिकार केवल कोर्ट के पास है। यूपी पुलिस के पास नहीं। सख्त टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि पुलिस प्रमोशन के लिए एनकाउंटर कर रही है। मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार व दो अन्य की जमानत अर्जियों पर सुनवाई करते हुए जज अरुण कुमार सिंह देशवाल ने यह टिप्पणी की।

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जज अण कुमार सिंह देशवाल ने 28 जनवरी को पारित एक आदेश के माध्यम से राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को शुक्रवार 30 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था। डीजीपी और गृह सचिव से अदालत को यह बताने के लिए कहा गया है कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपी व्यक्तियों के पैरों में गोली मारने या अन्य किसी प्रकार की गोली मारने के लिए कोई मौखिक या लिखित निर्देश जारी किए गए थे, जबकि इन घटनाओं को पुलिस मुठभेड़ बताया जा रहा था।

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28 जनवरी के आदेश में कोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिस मुठभेड़ों की प्रथा, विशेष रूप से आरोपी व्यक्तियों के पैरों में गोली मारना, एक नियमित घटना बन गई है। पीठ ने टिप्पणी की कि यह स्पष्ट रूप से या तो वरिष्ठ अधिकारियों को प्रसन्न करने के लिए या फिर आरोपी को सजा के रूप में तथाकथित सबक सिखाने के लिए किया जाता है।

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First published on: Jan 31, 2026 07:47 AM

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About the Author

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098

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