---विज्ञापन---

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने जा रहे हैं? भूलकर भी न करें ये आम सी दिखने वाली गलती; वरना अंजाम हो सकता है बहुत बुरा

Delhi-Dehradun Expressway Advisory: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद उत्तराखंड परिवहन विभाग ने वाहन चालकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी में मुख्य पांच ऐसी बड़ी गलतिया हैं, जो गंभीर दुर्घटनाओं की वजह बनती हैं. अगर आप भी इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है.

---विज्ञापन---

खबर की मुख्य बातें

  • सहारनपुर हादसे के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए नई सेफ्टी एडवाइजरी जारी.
  • तेज रफ्तार, गलत दिशा में ड्राइविंग और बीच रास्ते वाहन रोकना सबसे बड़ी वजह मानी गई.
  • एक्सप्रेसवे पर सफर से पहले वाहन की जांच और रूट प्लान करने की सलाह.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे हाल ही में शुरू हुआ है, जिससे दिल्ली से देहरादून का सफर काफी आसान और कम वक्त में किया जा सकता है. हालांकि इस नए एक्सप्रेसवे पर सहारनपुर के पास एक ऐसा दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. इस भयानक टक्कर में एक ही परिवार के चार लोगों, जिसमें एक 9 साल का मासूम बच्चा और एक 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला शामिल थीं, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. इस दुखद घटना के बाद उत्तराखंड परिवहन विभाग (Transport Department) पूरी तरह से अलर्ट हो गया है. एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हादसों पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने एक बेहद जरूरी एडवाइजरी जारी की है. इसमें उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में बताया गया है, जो हाईवे पर अक्सर जानलेवा साबित होती हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: धर्मशाला ट्रिप प्लान करने वालों के लिए खुशखबरी, नोएडा से कांगड़ा के लिए डायरेक्ट

दर्दनाक हादसा कैसा हुआ?

यह दर्दनाक हादसा पिछले शुक्रवार शाम सहारनपुर के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ था. हरियाणा के सोनीपत से एक परिवार कार में सवार होकर हरिद्वार दर्शन के लिए जा रहा था. शुरुआती जांच और सामने आए CCTV फुटेज के अनुसार, परिवार की कार एक्सप्रेसवे पर रिवर्स लेने की कोशिश कर रही थी, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी खतरनाक थी कि कार हवा में उछलकर पहले डिवाइडर से टकराई, फिर सड़क पार दूसरे डिवाइडर से जा भिड़ी और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. वहीं, टक्कर के बाद स्कॉर्पियो-एन भी पलट गई. इस भीषण दुर्घटना में 40 वर्षीय प्रवीण कुमार, उनकी पत्नी प्रीति, 71 वर्षीय मां सुदेश और 9 वर्षीय भतीजे शिवांस की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

---विज्ञापन---

100 की स्पीड लिमिट का करें पालन

लगातार बढ़ रहे इन दर्दनाक हादसों को देखते हुए, देहरादून के उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने सख्त दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी किए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे पर कारों (हल्के वाहनों) के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों (ट्रक-बस) के लिए 80 किमी/घंटा तय की गई है. इस नियम को तोड़ने वालों की निगरानी के लिए हाईवे पर इलेक्ट्रॉनिक स्पीड कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीडिंग करने पर तुरंत भारी-भरकम ई-चालान काट रहे हैं. उन्होंने यह भी सलाह दी कि यात्रा शुरू करने से पहले ही अपना ‘एंट्री’ और ‘एग्जिट’ पॉइंट तय कर लें, ताकि रास्ते में कोई कंफ्यूजन न हो और आप गलत दिशा में न चले जाए या फिर गाड़ी बैक लेकर उसी रास्ते से आने लगें, जो हादसे का कारण बने.

हाईवे पर भूलकर भी न करें ये 5 जानलेवा गलतियां

उत्तराखंड परिवहन विभाग ने चालकों को इन 5 नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है:

---विज्ञापन---

गलत दिशा और यू-टर्न मना है: एक्सप्रेसवे के बीच में अचानक गाड़ी रोकना, रिवर्स गियर में चलना, यू-टर्न लेना या गलत दिशा (Wrong Side) में ड्राइव करना पूरी तरह से प्रतिबंधित और जानलेवा है.

वन्यजीवों का रखें ध्यान: राजाजी नेशनल पार्क के पास से गुजरते समय बेवजह हॉर्न न बजाएं और रात के समय जानवरों के अचानक सड़क पर आने को लेकर सतर्क रहें.

---विज्ञापन---

सुरक्षित लाइटिंग का प्रयोग: देहरादून में घुसते समय आशारोड़ी की तेज ढलान और डाटकाली मंदिर के पास बनी सुरंग (Tunnel) में हमेशा अपनी गाड़ी की हेडलाइट ऑन रखें और गति धीमी कर लें.

गाड़ी की सर्विस और फ्यूल: अभी इस नए एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पंप और मैकेनिक जैसी सुविधाएं पूरी तरह से तैयार नहीं हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले गाड़ी की सर्विस कराएं और टैंक फुल रखें.

---विज्ञापन---

टायर प्रेशर चेक करें: हाईवे पर लगातार तेज रफ्तार में चलने से टायर गर्म होकर फट सकते हैं, इसलिए सफर से पहले टायरों में हवा का प्रेशर कंपनी के मानकों के अनुसार ही रखें. हवा में की प्रकार की गड़बड़ी भी हादसे का कारण बन सकती है.

हर साल एक्सप्रेसवे हादसों में जाती हैं हजारों जानें

यह कोई पहली बार नहीं है जब एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का कहर देखने को मिला हो. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवाते हैं. इनमें से एक बड़ा प्रतिशत उन हादसों का है जो नए बने एक्सप्रेसवे और हाईवे पर ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार), नींद की झपकी आने या अचानक टायर फटने के कारण होते हैं. सीधी और चौड़ी सड़कें अक्सर ड्राइवरों को ज्यादा स्पीड में गाड़ी चलाने के लिए उकसाती हैं, जो एक छोटी सी चूक होने पर भयानक त्रासदी में बदल जाती है.

---विज्ञापन---

एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए कुछ जरूरी टिप्स

लंबे हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ड्राइविंग शहर की ड्राइविंग से बिल्कुल अलग होती है. सुरक्षित सफर के लिए हमेशा लेन-ड्राइविंग के नियमों का पालन करें; यानी अपनी तय लेन में ही चलें और ओवरटेक करते समय हमेशा इंडिकेटर का इस्तेमाल करें. अगर सफर लंबा है, तो हर 2-3 घंटे में एक छोटा सा ब्रेक लें, जिससे नींद या थकान न हो. सामने वाली गाड़ी से कम से कम 3 से 4 सेकंड की दूरी (Safe Distance) बनाकर रखें, ताकि अगर वो अचानक ब्रेक लगाए, तो आप अपनी गाड़ी आसानी से कंट्रोल कर सकें. याद रखें, ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’.

मुख्य निष्कर्ष:-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित यात्रा के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना सबसे जरूरी है. तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और लापरवाही गंभीर हादसों की वजह बन सकती है. यात्रा से पहले वाहन की जांच करें, स्पीड लिमिट का पालन करें और परिवहन विभाग की एडवाइजरी का अनुसरण करके अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Aligarh Traffic: अलीगढ़ में जाम से मिलेगी मुक्ति! 16 जुलाई से वन-वे होंगे शहर के तीन प्रमुख मार्ग, देखें नया ट्रैफिक प्लान

Frequently Asked Questions

सहारनपुर के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद उत्तराखंड परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई एडवाइजरी जारी की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.
इस एक्सप्रेसवे पर कार और अन्य हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा है, जबकि ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा की स्पीड लिमिट निर्धारित की गई है.
बीच सड़क पर वाहन रोकना, रिवर्स करना, यू-टर्न लेना, गलत दिशा में ड्राइव करना, ओवरस्पीडिंग करना और बिना वाहन जांच के सफर शुरू करना सबसे बड़ी गलतियां मानी गई हैं.
सफर से पहले वाहन की सर्विस, टायर प्रेशर, ब्रेक, ईंधन और लाइट की जांच जरूर करें. साथ ही अपना एंट्री और एग्जिट पॉइंट पहले से तय रखें ताकि रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो.
First published on: Jul 01, 2026 01:41 PM

End of Article

About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

Read More

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola