बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से एक शालिग्राम पत्थर और एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है, लेकिन कोई कैश बरामद नहीं हुआ। पूछताछ के दौरान प्रमोद ने दान चोरी के आरोपों से इनकार कर दिया, जबकि उसे CCTV फुटेज में दान के पैसे चुराते हुए देखा गया है। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब प्रमोद का रिमांड मांगेगी, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके। चमोली के SSP सुरजीत सिंह पंवार ने प्रमोद की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
BKTC अध्यक्ष का पर्सनल असिस्टेंट था प्रमोद
प्रमोद नौटियाल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष का पर्सनल असिस्टेंट था। दान प्रबंधन में अनियमितताओं से उसका नाम जुड़ने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। BKTC ने मामले की जांच के लिए 4 सदस्यों की एक कमेटी गठित की थी, जिसकी जांच में नौटियाल के खिलाफ दान प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोप सही पाए गए। चमोली पुलिस को शिकायत देकर उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई, लेकिन प्रमोद ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में अपने सस्पेंशन और दर्ज FIR के खिलाफ याचिका दायर की है, जिस पर 17 जुलाई को सुनवाई होगी।
CCTV फुटेज में प्रमोद चोरी करते हुए दिखा
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल को मंदिर के दान चोरी करते हुए देखा गया। उसे कैश, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और दान के लिफाफे छिपाते या चुराते हुए देखा गया था। दान की गिनती वाले कमरे में बार-बार जाते और बाहर आते हुए देखा गया था। फुटेज में प्रमोद के हाथ में 500 और 100 रुपये के नोटों के बंडल दिखे थे, जिन्हें लेकर वह अपने केबिन में गया था। अनुमान है कि प्रमोद ने 10000 रुपये से लेकर 12000 रुपये प्रमोद ने दान पेटी से चुराए हैं।इसी फुटेज के आधार पर प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई है।
2 जुलाई को सामने आया दान चोरी का मामला
बद्रीनाथ धाम में दान चोरी का मामला गत 2 जुलाई को उजागर हुआ। 2 जुलाई को श्रद्धालुओं के द्वारा दिए गए दान की गिनती के दौरान अनियमितताएं सामने आईं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गणना कक्ष से कैश चुराई गई। मामला मुख्यमंत्री पुष्कर धामी तक पहुंचा तो उन्होंने 3 सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। जांच समिति के अध्यक्ष गढ़वाल मंडल आयुक्त हैं, जो अपनी रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपेगी। वर्तमान में मामले की जांच 4 स्तरों पर हो रही है। पुलिस के साथ विशेष जांच दल (SIT), BKTC की विभागीय जांच समिति और उच्च स्तरीय समिति कर रही है।
बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से एक शालिग्राम पत्थर और एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है, लेकिन कोई कैश बरामद नहीं हुआ। पूछताछ के दौरान प्रमोद ने दान चोरी के आरोपों से इनकार कर दिया, जबकि उसे CCTV फुटेज में दान के पैसे चुराते हुए देखा गया है। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब प्रमोद का रिमांड मांगेगी, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके। चमोली के SSP सुरजीत सिंह पंवार ने प्रमोद की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
BKTC अध्यक्ष का पर्सनल असिस्टेंट था प्रमोद
प्रमोद नौटियाल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष का पर्सनल असिस्टेंट था। दान प्रबंधन में अनियमितताओं से उसका नाम जुड़ने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। BKTC ने मामले की जांच के लिए 4 सदस्यों की एक कमेटी गठित की थी, जिसकी जांच में नौटियाल के खिलाफ दान प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोप सही पाए गए। चमोली पुलिस को शिकायत देकर उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई, लेकिन प्रमोद ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में अपने सस्पेंशन और दर्ज FIR के खिलाफ याचिका दायर की है, जिस पर 17 जुलाई को सुनवाई होगी।
CCTV फुटेज में प्रमोद चोरी करते हुए दिखा
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में प्रमोद नौटियाल को मंदिर के दान चोरी करते हुए देखा गया। उसे कैश, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और दान के लिफाफे छिपाते या चुराते हुए देखा गया था। दान की गिनती वाले कमरे में बार-बार जाते और बाहर आते हुए देखा गया था। फुटेज में प्रमोद के हाथ में 500 और 100 रुपये के नोटों के बंडल दिखे थे, जिन्हें लेकर वह अपने केबिन में गया था। अनुमान है कि प्रमोद ने 10000 रुपये से लेकर 12000 रुपये प्रमोद ने दान पेटी से चुराए हैं।इसी फुटेज के आधार पर प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई है।
2 जुलाई को सामने आया दान चोरी का मामला
बद्रीनाथ धाम में दान चोरी का मामला गत 2 जुलाई को उजागर हुआ। 2 जुलाई को श्रद्धालुओं के द्वारा दिए गए दान की गिनती के दौरान अनियमितताएं सामने आईं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गणना कक्ष से कैश चुराई गई। मामला मुख्यमंत्री पुष्कर धामी तक पहुंचा तो उन्होंने 3 सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। जांच समिति के अध्यक्ष गढ़वाल मंडल आयुक्त हैं, जो अपनी रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपेगी। वर्तमान में मामले की जांच 4 स्तरों पर हो रही है। पुलिस के साथ विशेष जांच दल (SIT), BKTC की विभागीय जांच समिति और उच्च स्तरीय समिति कर रही है।