अनिल चौधरी, अलीगढ़।
केंद्र सरकार का वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा में भी पास हो गया है। अब यह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहीं, इस को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अलीगढ़ में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महानगर अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद अकबर कासमी ने कहा है कि मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मुसलमान सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगे, जैसे उन्होंने 1947 में किया था।
कासमी के बयान से खड़ा हुआ विवाद
अलीगढ़ शहर के शाहजमाल इलाके में वक्फ संशोधन बिल पर कासमी के इस बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कासमी का यह बयान उस समय सामने आया जब शाहजमाल में कुछ मुस्लिम लोग एक नुक्कड़ सभा में वक्फ संशोधन बिल के संबंध में प्रतिक्रिया दे रहे थे। उसी समय बजरंग दल के गौ रक्षा प्रमुख करण चौधरी वहां से गुजर रहे थे। करण चौधरी ने बताया कि मुफ्ती मोहम्मद अकबर कासमी ने भड़काऊ बयान दिया है, इसे लेकर हमने संबंधित थाना में शिकायत दी है और कासमी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
गौ रक्षक प्रमुख चौधरी ने बताया कि मुफ्ती अकबर कासमी का ये बयान राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और इससे देश की संप्रभुता को खतरा पैदा हो सकता है। उनका कहना है कि ऐसे बयान से एक विशेष समुदाय में आक्रोश उत्पन्न हो सकता है, जिससे गृह युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका है। महानगर गौ रक्षक प्रमुख ने इस मामले में थाना रोरावार में शिकायत दर्ज कराते हुए मुफ्ती अकबर कासमी और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बयान की सच्चाई की पड़ताल की जा रही है। इस घटना के बाद शहर में माहौल गरमा गया है। प्रशासन ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
‘मुसलमान सड़कों पर उतरने को तैयार’
वहीं, मुफ्ती मोहम्मद अकबर कासमी ने कहा कि वक्फ बिल पास हो गया है, लेकिन हम अपनी आवाज अदालतों तक पहुंचाएंगे और इस लड़ाई को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस बिल के कारण मुसलमानों में आक्रोश है और वे सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस बिल को वापस लिया जाए, ताकि देश में शांति बनी रहे और कोई बड़ा विवाद न हो। उन्होंने कहा कि मुसलमान अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेंगे, लेकिन यह विरोध संविधान के दायरे में होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुसलमानों को परेशान किया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं, जिससे देश की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ेंगे और लोगों से भी अपील करेंगे कि वे इस लड़ाई को जारी रखें।