BJP सांसद निशिकांत दुबे को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धमकी और अल्टीमेटम दिया है। विवाद सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर है, जिसे अखिलेश यादव ने लिखा। अखिलेश ने पोस्ट में निशिकांत दूबे को कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी थी और 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया था। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में उन लोगों को भी माफी मांगने को कहा, जिन्होंने निशिकांत के जवाब वाली पोस्ट को वायरल किया है। इसी पोस्ट पर निशिकांत दुबे ने पलटवार किया था।
राम मंदिर दान चोरी मामले के आरोपियों पर पोस्ट
विवादित पोस्ट राम मंदिर दान चोरी मामले के आरोपी को लेकर है। अखिलेश यादव ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर बीते दिन एक पोस्ट लिखी कि जैसे सरकार के सांसदों को संसद में विशेषाधिकार प्राप्त हैं, उसी तरह विपक्षी सांसद को भी समान अधिकार मिलते हैं। निशिकांत दुबे के पास 10 मिनट का समय है अपनी झूठी पोस्ट हटाने के लिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। पोस्ट हटाई नहीं गई है तो अब देखना होगा कि अखिलेश यादव क्या करते हैं?
अखिलेश से लोगों को माफी मांगने का निर्देश दिया
अखिलेश यादव की पोस्ट का जवाब देते हुए निशिकांत ने लिखा कि जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा। जबकि अखिलेश यादव ने कहा कि BJP के नेता किसी का साथ नहीं देते हैं। जब अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई मदद करने नहीं आएगा। इसलिए वे लोग पोस्ट हटाकर माफी मांगें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें, जिन्होंने निशिकांत दुबे की पोस्ट को सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
देशभर के माननीयों से स्वत: संज्ञान लेने की अपील
अखिलेश यादव का आरोप है कि BJP और उसके समर्थक समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज को बदनाम करने के लिए झूठ फैला रहे हैं, लेकिन PDA समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा। राम मंदिर चढ़ावा चोरों का गिरोह विपक्ष के खिलाफ साजिश रच रहा है। दुनियाभर के राम भक्तों, सनातन धर्म के अनुयायियों, अयोध्या के संतों, सुप्रीम कोर्ट, लोकसभा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश और अयोध्या की जनता तथा PDA समाज को मामले का संज्ञान लेना चाहिए।
BJP सांसद निशिकांत दुबे को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धमकी और अल्टीमेटम दिया है। विवाद सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर है, जिसे अखिलेश यादव ने लिखा। अखिलेश ने पोस्ट में निशिकांत दूबे को कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी थी और 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया था। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में उन लोगों को भी माफी मांगने को कहा, जिन्होंने निशिकांत के जवाब वाली पोस्ट को वायरल किया है। इसी पोस्ट पर निशिकांत दुबे ने पलटवार किया था।
राम मंदिर दान चोरी मामले के आरोपियों पर पोस्ट
विवादित पोस्ट राम मंदिर दान चोरी मामले के आरोपी को लेकर है। अखिलेश यादव ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर बीते दिन एक पोस्ट लिखी कि जैसे सरकार के सांसदों को संसद में विशेषाधिकार प्राप्त हैं, उसी तरह विपक्षी सांसद को भी समान अधिकार मिलते हैं। निशिकांत दुबे के पास 10 मिनट का समय है अपनी झूठी पोस्ट हटाने के लिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। पोस्ट हटाई नहीं गई है तो अब देखना होगा कि अखिलेश यादव क्या करते हैं?
अखिलेश से लोगों को माफी मांगने का निर्देश दिया
अखिलेश यादव की पोस्ट का जवाब देते हुए निशिकांत ने लिखा कि जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा। जबकि अखिलेश यादव ने कहा कि BJP के नेता किसी का साथ नहीं देते हैं। जब अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई मदद करने नहीं आएगा। इसलिए वे लोग पोस्ट हटाकर माफी मांगें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें, जिन्होंने निशिकांत दुबे की पोस्ट को सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
देशभर के माननीयों से स्वत: संज्ञान लेने की अपील
अखिलेश यादव का आरोप है कि BJP और उसके समर्थक समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज को बदनाम करने के लिए झूठ फैला रहे हैं, लेकिन PDA समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा। राम मंदिर चढ़ावा चोरों का गिरोह विपक्ष के खिलाफ साजिश रच रहा है। दुनियाभर के राम भक्तों, सनातन धर्म के अनुयायियों, अयोध्या के संतों, सुप्रीम कोर्ट, लोकसभा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश और अयोध्या की जनता तथा PDA समाज को मामले का संज्ञान लेना चाहिए।