---विज्ञापन---

प्रदेश

अंडरवियर, तौलिया… BSNL अधिकारी के VIP इंतजामों पर बवाल, कड़ी कार्रवाई के मूड में सिंधिया

प्रयागराज दौरे के वक्त BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजाल के लिए कराए गए VIP इंतजामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे गलत बताते हुए सख्त रुख अपनाया है.

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 25, 2026 16:53
BSNL Director Vivek Banzal and Jyotiraditya Scindia
Credit: Social Media

सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के वरिष्ठ अधिकारी के लिए कराए गए खास इंतजामों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मामला उस समय तूल पकड़ गया जब प्रयागराज दौरे से जुड़ा एक आधिकारिक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस ऑर्डर में अधिकारी की निजी सुविधाओं के लिए लंबी लिस्ट शामिल थी, जिसे लेकर अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कड़ी नाराजगी जताई है. सोशल मीडिया पर भी इस ऑर्डर की काफी आलोचना हो रही है.

ये भी पढ़ें: शंकराचार्य और पूर्व CBI डायरेक्टर की बंद कमरे में सीक्रेट मीटिंग, 25 मिनट की बातचीत में क्या हुआ?

---विज्ञापन---

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, BSNL के डायरेक्टर (CFA) विवेक बंजाल 25 और 26 फरवरी को प्रयागराज के दौरे पर जाने वाले थे. इस दौरे के लिए जारी आदेश में करीब 50 अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. आदेश में यात्रा और बैठक की व्यवस्थाओं के साथ-साथ ऐसी चीजें भी शामिल थीं, जो आम तौर पर सरकारी दौरे का हिस्सा नहीं मानी जातीं. ऑर्डर के मुताबिक, अधिकारी के लिए नहाने और धार्मिक कार्यक्रमों की पूरी तैयारी करने को कहा गया था. इसमें स्नान के बाद इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे तौलिया, अंडरगारमेंट, चप्पल, हेयर ऑयल, कंघी और शीशा तक शामिल थे. इसके अलावा होटल या सर्किट हाउस में फल, ड्राई फ्रूट, शेविंग किट, साबुन, शैम्पू और टूथब्रश जैसी प्राइवेट इस्तेमाल की चीजें भी रखने के निर्देश दिए गए थे.

आदेश पर मचा बवाल

जैसे ही ये आदेश पब्लिक हुआ, इसकी काफी आलोचना होने लगी. लोगों ने सवाल उठाया कि सरकारी संसाधनों और कर्मचारियों का इस्तेमाल इस तरह की निजी सुविधाओं के लिए क्यों किया जा रहा है. मामला सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे पूरी तरह गलत बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह के VIP इंतजाम सरकारी नियमों और कामकाजी संस्कृति के खिलाफ हैं. सिंधिया ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं और साफ किया है कि सरकारी पद का मतलब निजी सुविधाओं का दुरुपयोग नहीं होता. उन्होंने ये भी कहा कि सरकारी संस्थानों की छवि बनाए रखना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है. BSNL की ओर से भी बयान जारी कर कहा गया है कि कंपनी ऐसे किसी भी व्यवहार का समर्थन नहीं करती, जो नियमों के खिलाफ हो. मामले की जांच की जा रही है और जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: UP विधानसभा चुनाव के लिए मायावती का बड़ा ऐलान, इस ब्राह्मण चेहरे को बनाया पहला प्रत्याशी

First published on: Feb 25, 2026 04:49 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.